मिशन शक्ति : सांसद ने फीता काटकर किया महिला हेल्प डेस्क का उद्घाटन

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन के लिए उ0प्र0 सरकार द्वारा चलाये जा रहे विशेष अभियान “मिशन शक्ति” के तहत जनपद के समस्त थानों पर “महिला हेल्प डेस्क” का सांसद पकौड़ी लाल कोल ने आज फीता काटकर उद्घाटन किया।

इस मौके पर जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम एवं पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव थाना प्रभारी निरीक्षक अंजनी कुमार राय, जिला प्रोबेशन अधिकारी डाॅ0 अमरेन्द्र पोत्स्यान, एंटी रोमियो टीम प्रभारी शिवानी मिश्रा, साइबर क्राइम प्रभारी सरोजमा सिंह, महिला थाना प्रभारी संतु सरोज, महिला कल्याण अधिकारी नीतू यति सिंह, नई पहल की निशा कुरैशी, दीपिका सिंह, चंदा मिश्रा, रोमी पाठक, सीमा द्विवेदी, साधना मिश्रा, वीणा राव, रविता मौर्या, सुधीर शर्मा, शेषमणि दुबे समेत अन्य सहित अन्य आलाधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहे।

नारी सशक्तिकरण अभियान के तहत महिलाओं व युवतियों को जागरूक करने के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा प्रथम प्रथमिकता हैं तथा सशक्तिकरण से तात्पर्य किसी व्यक्ति की उस क्षमता से है जिससे उसमें ये योग्यता आ जाती है, जिसमें वो अपने जीवन से जुड़े सभी निर्णय स्वयं ले सके। महिला सशक्तिकरण में भी हम उसी क्षमता की बात कर रहे है, जहाँ महिलाएँ परिवार और समाज के सभी बंधनों से मुक्त होकर अपने निर्णयों की निर्माता खुद बनती हैं। लोगों को जगाने के लिए महिलाओं का जागृत होना जरुरी है। एक बार जब वो अपना कदम सफलता की ओर उठा लेती है, तो परिवार आगे बढ़ता है, गाँव आगे बढ़ता है और राष्ट्र विकास की ओर उन्मुख होता है साथ ही साथ उन्होने बताया कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये सबसे पहले समाज में उनके अधिकारों और मूल्यों को मारने वाले उन सभी राक्षसी सोच को मारना जरुरी है जैसे दहेज प्रथा, अशिक्षा, यौन हिंसा, असमानता, भ्रूण हत्या, महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा, बलात्कार, वैश्यावृति और मानव तस्करी इत्यादि।

आपातकालीन स्थिति में सहायता से सम्बन्धित कुछ हेल्पलाइन नम्बर

● मुख्यमंत्री हेल्पलाइन- 1076
● वूमेन पॉवर हेल्पलाइन- 1090
● महिला हेल्पलाइन- 181
● पुलिस आपातकालीन हेल्पलाइन- 112
● आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा- 108 ● गर्भवती महिला एम्बुलेंस सेवा- 102
● चाइल्ड लाइन- 1098

इन नम्बरों पर काल करके दिन के 24 घंटे सहायता ली जा सकती है। आप किसी अस्कमिक स्थित में इन टोल फ्री नम्बर पर फोन कर सहायता ले सकती है इन टोल फ्री नम्बरों को महिला ही रिसीव करेगी आप अपनी बात बे हिचक रख सकती हैं। आप का नाम गुप्त रखा जाएगा तथा आपकी मदद के लिये पुलिस तुंरन्त पहुँचेगी तथा अपना काम निडर हो कर करें।

महिला हेल्प डेस्क व आगन्तुक कक्ष कर्मियों के कार्य
1. थाने में आने वाले हर आगन्तुक/शिकायतकर्ता/पीड़ित महिलाओं को सर्वप्रथम रिसेप्शन पर नियुक्त कर्मचारीगणों द्वारा अटेन्ड किया जायेगा
2. शिकायतकर्ता का विवरण कम्प्यूटर में फीड किया जायेगा
3. शिकायकर्ता के प्रार्थना-पत्र को स्कैन कर कम्प्यूटर फोल्डर में फीड किया जायेगा, जिसका एक टोकन नम्बर होगा, जो कि शिकायतकर्ता व जांच अधिकारी को दिया जायेगा, रिकार्ड के रूप में सुरक्षित रखा जायेगा, इस पर सील मोहर लगायी जायेगी
4. शिकायतकर्ता को उसके प्रार्थना-पत्र की प्राप्ति की रसीद दी जायेगी, जिस पर टोकन नम्बर लिखा होगा
5. टोकन पर्ची में समस्त जानकारी दर्ज होगी
6. रिसेप्शन द्वारा थाना प्रभारी व बीट प्रभारी को शिकायतकर्ता के बारे में अवगत कराया जायेगा



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