किसानों और आदिवासियों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस का कलक्ट्रेट पर हल्ला बोल

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

जिलाधिकारी से मिलने से जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने कलेक्ट्रेट गेट पर रोका

पुलिस द्वारा रोकने से आक्रोशित कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट गेट पर दिया धरना

ज्ञापन लेने गेट तक नहीं आये जिलाधिकारी

● जिससे नाराज कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट गेट पर ज्ञापन किया चस्पा

सोनभद्र । उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में अन्नदाता किसानों तथा सोनभद्र जिले के आदिवासियों को विभिन्न समस्याओं को देखते हुए आज कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर हल्ला बोला। हालांकि कांग्रेसी जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपना चाहते थे लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें कलेक्ट्रेट गेट से अंदर नहीं घुसने दिया। जिसके बाद आक्रोशित कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट गेट पर ही प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गेट के पास ही धरने पर बैठ गए और जब घण्टे भर बाद भी जिलाधिकारी ज्ञापन लेने गेट तक नहीं आये तो कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट गेट पर ज्ञापन चस्पा कर धरना समाप्त कर दिया। हालांकि सदर उपजिलाधिकारी जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के तौर पर ज्ञापन लेने पहुँचे थे लेकिन कांग्रेसियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपने से साफ इंकार कर दिया।

इस दौरान जिलाध्यक्ष रामराज सिंह ने कहा कि “एक तरफ तो कोरोना महामारी का प्रकोप बढ़ रहा है, वहीं इसकी आड़ में केंद्र व प्रदेश भाजपा सरकार किसानों व आदिवासियों को बर्बाद करने पर तुली है। जनपद सोनभद्र आदिवासी बाहुल्य जनपद है और जिले में वनाधिकार अधिनियम के तहत आज भी आदिवासियों को उनका पूरा हक नहीं मिल पाया है। वहीं ग्राम सभा अगोरी खास, टोला चौरा, कमी एवं चेरूई में वन विभाग द्वारा लगभग पचासों आदिवासी परिवारों को उनका मकान गिराने की नोटिस वन विभाग ने देकर तानाशाही रवैया अपनाया है। जिसका कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती हैं। जबकि लगभग पचास वर्षों से आदिवासियों का उस जमीन पर जोत-कोड हो रहा है लेकिन पैसे के अभाव में अभी तक वनाधिकार कानून का लाभ उनको नहीं मिल पाया। साथ ही गत दिनों मउकलॉ गांव में धांगर जाति एवं यादव परिवार में विवाद हो गया था, जिसमें बरकोनिया रामपुर पुलिस द्वारा आदिवासी लोगों के खिलाफ एक पक्षीय कार्यवाही करके पीड़ित पक्ष को ही मुकदमें में फंसा दिया गया, उक्त घटना की जांच की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाय। प्रदेश में एक ओर जहाँ धान क्रय केन्द्रों पर धान की बिक्री कम होने तथा नमी के नाम पर किसानों के धान के वजन में की जा रही कटौती से किसान परेशान है। वहीं सरकार द्वारा निजी नलकूपों के लिए बिजली की कीमतों में की गई बढ़ौत्तरी से किसानों को काफी दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है।”

इस दौरान शहर अध्यक्ष राजीव त्रिपाठी, पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष नामवर कुशवाहा, जिला उपाध्यक्ष जगदीश मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष अरविंद सिंह, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशुतोष दुबे, उषा चौबे, सुनीता त्रिपाठी, जिला महासचिव बृजेश तिवारी, शत्रुंजय मिश्रा, स्वतंत्र साहनी, नागेशमणि पाठक, बृहस्पति भारती, सेवादल अध्यक्ष कौशलेश पाठक, श्रीकांत मिश्रा, महासचिव शीतला सिंह पटेल, अंशु मद्धेशिया, गौतम आनंद समेत भारी संख्या में कांग्रेसिजन मौजूद रहे।

प्रमुख माँगें

1. उत्तर प्रदेश के किसानों की धान की खरीद एमएसपी पर किए जाने की गारंटी की जाए

2. जिन जनपदों में धान क्रय केंद्र नहीं खुले हैं, तत्काल खोले जाएं

3. नमी के नाम पर धान उत्पादक किसानों से मनमानी कटौती बंद की जाए

4. गन्ना किसानों का बकाया तत्काल उन्हें उपलब्ध कराने की गारंटी की जाए

5. उत्तर प्रदेश में निजी नलकूपों के लिए बिजली की कीमतों में की गई बढ़ोत्तरी को वापस लिया जाए और पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए



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