जननी सुरक्षा योजना का भुगतान लंबित रखने पर दर्ज कराएं एफआइआर : डीएम

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

बेहतर कार्य करने वालों को करें प्रोत्साहित तो वहीं लापरवाह कर्मियों की तय करें जवाबदेही : डीएम

● आवश्यक रूप से एक सप्ताह से ऊपर जननी सुरक्षा योजना का भुगतान लंबित रखने वालों के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर

जिलाधिकारी ने लापरवाह नोडल अधिकारियों पर कार्यवाही का दिया निर्देश

उप मुख्य चिकित्साधिकारियों, प्रभारी चिकित्साधिकारियों के दायित्वों को करें तय

सोनभद्र । आज जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने कलेक्ट्रेट मीटिंग हाल में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक किया। बैठक में जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना, आयुष्मान भारत मिशन, जननी सुरक्षा योजना, जेएसएसके योजना, पीसीपीएनडीटी, परियोजना नियोजन, नियमित टीटकाकरण, एचएमआईएस, एमसीटीएस, सपोर्टिंग सुपर विजन, आरबीएसके एवं आरकेएसके, 102 व 108 अम्बुलेंस सेवा, राष्ट्रीय कार्यक्रम, कम्यूनिटी प्रोसेस आदि कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा की।

इस दौरान उन्होंने सीएमओ को निर्देशित करते हुए कहा कि “चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का सतत् अनुश्रवण करते रहें, जो बेहतर कार्य कर रहे हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया जाय और खराब काम करने वालों की जवाबदेही तय की जाय। जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में देरी करने वालों की जिम्मेदारी तय करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी खण्ड विकास अधिकारियों के माध्यम से क्रास चेंकिंग करायें और अनावश्यक रूप से एक सप्ताह से ऊपर जननी सुरक्षा योजना का भुगतान लम्बित रखने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्यवाही की जाय। कोविड-19 के संक्रमण से बचने के सभी उपायों का पालन करते हुए जन स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर तरीके से नागरिकों को मुहैया करायें।”

जिलाधिकारी ने कहा कि “जन स्वास्थ्य सेवाएं काफी बेहतर और परोपकारी कार्य है। स्वास्थ्य सम्बन्धी लाभ पहुंचाना आत्म सुख का एहसास कराता है, लिहाजा जिले स्तर से लेकर गांव/मजरे स्तर तक स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर तरीके से पहुंचायी जाय। उन्होंने कहाकि नीति आयोग के पैरामीटरों को ध्यान में रखकर बेहतर जन स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करायी जाय। उन्होंने कहा कि दवाओं पर्याप्त भण्डार रखने के साथ ही अन्य सभी स्वास्थ्य सेवाएं मानक के अनुरूप पात्रों तक पहुंचायी जाय। मुख्य चिकित्साधिकारी नोडल अधिकारियों पर कड़ी निगाह रखें और जरूरत के मुताबिक लापरवाह नोडल अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही भी करें और जरूरत पड़ने पर जिलाधिकारी स्तर से उच्चाधिकारियों को भी लापरवाह नोडल अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही हेतु समय से पत्रावली प्रस्तुत करें।”

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं में परिवार कल्याण व अन्य जन जागरूकता के लिए बल देते हुए कहा कि हर हाल में जन स्वास्थ्य सेवाएं प्रथम जरूर मंद व्यक्ति तक पहुंचे तथा स्वास्थ्य विभाग की बिन्दुवार योजनाओं के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी सम्बन्धित उप मुख्य चिकित्साधिकारियों, प्रभारी चिकित्साधिकारियों के दायित्वों को तय करें।

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी श्री एस0 राजलिंगम के अलावा मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 अमित पाल शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 एस0के0 उपाध्याय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ0 पी0बी0 गौतम, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारी चिकित्साधिकारीगण सहित अन्य सम्बन्धितगण मौजूद रहे।



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