पिपरी नगर वासियों में भौमिक अधिकार मिलने की जगी उम्मीद

मनोज बर्मा (संवाददाता)

रेनुकूट । पिपरी नगर पंचायत में निवास करने वाले रहवासियों को जल्द ही शासन से नई सौगात मिलने की उम्मीद है जिससे विगत 62 वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद के खत्म होने की उम्मीद जगी है । उक्त बातें पिपरी नगर पंचायत भवन में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में पिपरी नगर पंचायत अध्यक्ष दिग्विजय प्रताप सिंह ने कही उन्होंने बताया की पिपरी नगर पंचायत में निवास करने वाले रह वासियों को जल्द ही शासन से भौमिक अधिकार के रुप में नई सौगात मिलने की उम्मीद है । विगत 62 वर्षों से चले आ रहे भूमि विवाद के पटाक्षेप होने की उम्मीद जाग गई है। नगर पंचायत अध्यक्ष दिग्विजय प्रताप सिंह ने बताया कि उनके प्रयासों तथा जिला अधिकारी सोनभद्र एस राज लिंगम की व्यक्तिगत रूचि एवं पहल के कारण यह विवाद अब हल होने के तरफ तेजी से अग्रसर हैं उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच फाइलों में अटकी हुई इस गंभीर समस्या के निराकरण के लिए प्रयास किया। अध्यक्ष ने बताया कि शासनादेशसं 629/सी-167-सी1948 दिनांक 26/01/1949 द्वारा रिहंद बांध व जल विद्युत परियोजना के निर्माण हेतु हस्तांतरित 3285 एकड़ भूमि हस्तांतरण के पूर्व राजकीय आस्थान दुद्धी के नियंत्रण की भूमि रही है उक्त भूमि में जो भूमि परियोजना निर्माण के उपरांत अवशेष बच गई है उसमें नगर पंचायत पिपरी की आबादी भी सम्मिलित है। परंतु नोटिफाइड एरिया पिपरी की अधिसूचित क्षेत्र से वन विभाग का दावा जो बन विभाग द्वारा निर्गत अ.शा पत्र सं 4783/14-2-76 दिनांक 13 अगस्त 1976 के बाद से किया जा रहा है, जिसका कोई औचित्य नही पाया गया है । जिसपर वन विभाग को अपना दावा छोड़ने के लिये निर्देशित करने का निर्देश मिला है ।
अध्यक्ष ने यह भी बताया की उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम एवं रिहंद बांध से जुड़ी हुई वीआईपी कॉलोनी भवन आदि को छोड़कर उत्तर प्रदेश जल विद्युत उत्पादन निगम एवं रिहंद बाँध से जुड़ी हुई वी आई पी कॉलोनी भवन आदि को छोड़कर शेष भूमि नगर पंचायत पिपरी के अधिसूचित क्षेत्र में आती है उसका हस्तान्तरण नगर पंचायत पिपरी के पक्ष में करने की बात कही गई है अधिसूचित क्षेत्र का सर्वेक्षण ना होने के कारण एवं नगर पंचायत की सीमा के अंतर्गत भवनों से सम्बन्धित भूमि विवाद की वजह राजस्व की क्षति हो रही है तथा शासन की जनहित की योजनाएं प्रधानमंत्री आवास, स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले शौचालय आदि नहीं बन पा रहे हैं।उक्त के सम्बन्ध में माननीय मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रुप से मिलकर अवगत कराया था जिसपर उन्होने जिलाधिकारी सोनभद्र को विभिन्न विभागो के साथ बैठक करके भूमि सम्बन्धित विवादो के निस्तारण हेतु आदेशित किया था जिसपर उपरोक्त प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराया गया है । उन्होने उम्मीद जताई की इसका निराकारण जल्द हो जायेगा तथा नगरवासीयो को उनका भौमिक अधिकार प्राप्त हो जायेगा ।



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