लक्ष्य के सापेक्ष खरीद न होने पर सम्बन्धित के विरूद्ध दर्ज कराई जायेगी एफआईआर- जिलाधिकारी

दीनदयाल शास्त्री ब्यूरो

पराली/फसल अपशिष्ट के उचित प्रबन्धन हेतु वेस्ट डिकम्पोजर का प्रयोग कर बनायें जैविक खाद

पीलीभीत । जिलाधिकारी पुलकित खरे की अध्यक्षता में धान क्रय एवं पराली न जलाने के सम्बन्ध में तहसील सदर एवं अमरिया के उपजिलाधिकारियों/तहसीलदारों/ लेखपालों के साथ बैठक गांधी प्रेक्षागृह में सम्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान में धान खरीद व पराली सबसे महत्वपूर्ण कार्य हैं समस्त लेखपाल साफ नियत से कार्य करते हुये किसानों के हित में कार्य करें और किसानों को वर्तमान में धान खरीद का अधिक से अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ प्रदान करें। उन्होंने कहा कि समस्त लेखपाल जिनकी ड्यूटी क्रय केन्द्रों पर लगाई गई है प्रतिदिन निर्धारित लक्ष्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करेगें। इसके लिए सम्बन्धित लेखपाल प्रतिदिन अपने क्षेत्र के 10 किसानों की सूची तैयार कर अगले दिन धान तौल हेतु क्रय केन्द्र पर लाना सुनिश्चित करेगें। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि किसानों को उनकी फसल पूरा मूल्य प्राप्त हो, आप लोग प्रतिदिन फोन करके अपने क्षेत्र के किसानों को क्रय केन्द्र धान लाने हेतु जागरूक करेगें तथा किसानों के अन्दर आत्म विश्वास उत्पन्न करें कि केन्द्र पर जाने पर उनके धान की तत्काल तौल की जायेगी। इस दौरान उप जिलाधिकारी व तहसीलदार को निर्देशित किया गया कि प्रतिदिन धान क्रय केन्द्र के प्रभारियों के साथ समीक्षा की जाये तथा लक्ष्य पूर्ण न करने वालों के विरूद्व कड़ी कार्यवाही की जाये। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि समस्त क्रय केन्द्र किसानों की सुविधा को देखते हुये हस्तान्तरित कर सकते हैं तथा प्रतिदिन अपने क्षेत्र के दैनिक खरीद की समीक्षा की जाये और सुनिश्चित किया जाये कि जबतक लक्ष्य पूर्ण न हो जाये केन्द्र खुले रहेंगें, यदि लक्ष्य पूर्ण किये बिना कोई केन्द्र प्रभारी बन्द करता है तो उसके विरूद्व तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाये।
आयोजित बैठक में जिलाधिकारी द्वारा उप जिलाधिकारियों/तहसीलदारों व लेखपालों को निर्देशित करते हुये कहा कि अपनी ग्राम पंचायत के किसानों भाईयों से खेत में पराली न जलाने हेतु जागरूक करें व पराली को नष्ट करने हेतु वेस्ट डिकम्पोजर का प्रयोग कर जैविक खाद के रूप में प्रयोग करे। किसानों को बताया जाये कि पराली को पशुओं के चारे के रूप में काट कर उपयोग करें, किसानों द्वारा पास की गौशाला में पराली काटकर पहुंचाने पर कटाई व ढुलाई का भुगतान ग्राम पंचायत द्वारा किया जायेगा, इस सम्बन्ध में भी जागरूक किया जाये। उन्होंने कहा कि मल्चर के माध्यम से भी पराली को मिट्टी मे मिलाकर जैविक खाद के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों को जागरूक करें कि पास की गौशाला में पराली काटकर पहुंचाने पर कटाई व ढुलाई का भुगतान ग्राम पंचायत द्वारा किया जायेगा,
बैठक में उप जिलाधिकारी सदर, उप जिलाधिकारी अमरिया, डिप्टी एआरएमओ, तहसीलदार सदर, तहसीलदर अमरिया, व सम्बन्धित तहसीलों के लेखपाल उपस्थित रहे।



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