मिशन शक्ति कैसे होगा पूरा, जब दरोगा जी की यही रहेगी आदत

आनंद चौबे (संवाददाता)

– फिर ख़ाकी हुई दागदार

– अच्छे नहीं हैं दाग

सोनभद्र । यूँ तो ख़ाकी लोगों की रक्षा के लिए है मगर वही ख़ाकी यदि दागदार हो जाए तो लोगों का कानून से भरोसा भी उठने लगता है । ऐसा ही मामला इन दिनों कोन क्षेत्र में प्रकाश में आया है । जहां एक परिवार ख़ाकी के डर के साये में जीने को मजबूर है । इतना ही नहीं इस परिवार के कई सदस्य ख़ाकी के डर से अपना घर छोड़ बाहर रहने को मजबूर है ।

सोमवार को डर के साये में जी रहे परिवार के सदस्य पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की । सूत्रों की माने तो पीड़ित परिवार ने जो बातें पुलिस कप्तान को बताया है उसे सुनकर कप्तान भी सन्न रह गए । डरे सहमे परिवार ने पुलिस कप्तान से न्याय के साथ सुरक्षा की भी गुहार लगाई ।
पीड़ित परिवार ने जनपद न्यूज Live को बताया कि 22 सितम्बर को चाचीकला इंचार्ज ने यह कहकर उसकी गाड़ी बुलाया कि चोपन थाना अंतर्गत एक स्थान से दो व्यक्तियों को ले आना है । पुलिस की हुक्म मिलने के बाद गाड़ी मालिक ड्राइवर लेकर उक्त स्थान पर आ गया । जहां पहुंचकर वह चाचीकला इंचार्ज को फोन कर पहुंचने की जानकारी दी । उसके बाद चाचीकला के इंचार्ज ने गाड़ी मालिक को कांफ्रेंस पर लेकर तीसरे शख्स से बात की । गाड़ी मालिक ने बताया कि जिसके थोड़ी देर बाद दो शख्स गाड़ी में आकर बैठ गए । गाड़ी में बैठते ही गाड़ी मालिक के होश उड़ गए, क्योंकि गाड़ी में दो महिलाएं आकर बैठी थी । जिसे देखकर गाड़ी मालिक दोबारा चाचीकला इंचार्ज को फोन किया। चाचीकला इंचार्ज बोला कि गाड़ी कहीं मत रोकना और सीधे आकर मुझे रिपोर्ट करो । गाड़ी मालिक ने बताया कि वह गाड़ी लेकर सीधे चाचीकला पहुंचा जहां पहुंचने के बाद उन्होंने इंचार्ज को फोन किया । कुछ देर बाद इंचार्ज बाहर निकले और गाड़ी के साथ लगभग 1 किलोमीटर दूर निर्माणाधीन पुल के पास पहुंच कर गाड़ी को छोड़ दिया । गाड़ी मालिक के मुताबिक गाड़ी लेकर वह कुछ ही दूर पहुंचा था कि चाचीकला इंचार्ज का दोबारा फोन आ गया और वह पूछने लगा कि गाड़ी में एसी चला कर लाए थे या नहीं ? गाड़ी मालिक ने अपने जवाब में बताया कि उसका एसी खराब है । बस फिर क्या चाचीकला इंचार्ज का पारा चढ़ गया और वे पुलिसिया अंदाज में जमकर गाली-गलौज करने लगे । इतना ही नहीं वह गाड़ी का चालान करने तक की धमकी भी देने लगे । गाड़ी मालिक के मुताबिक उसके बाद से ही चाचीकला इंचार्ज उसके प्रति खुन्नस खाए बैठे हैं और हर पल फंसाने की धमकी व फंसाने की ताक में लगे रहते हैं । पीड़ित ने बताया कि हाल ही में 17 अक्टूबर को उसके भाई के साथ बीच सड़क पर अभद्र व्यवहार किया गया । इतना ही नहीं उसे मारा भी गया जबकि उसके पास गाड़ी संबंधी सारे पेपर व डीएल मौजूद थे। बढ़ रहे आक्रोश को देखते हुए डरा सहमा परिवार आखिरकार दुद्धी विधायक की शरण में पहुंचा, जहां उसे न्याय की उम्मीद दिखने लगी । दुद्धी विधायक हरिराम चेरो ने पत्र लेकर पुलिस कप्तान से मिलने की बात कही । जिसके बाद पीड़ित परिवार सोमवार को पुलिस अधीक्षक आशीष श्रीवास्तव से मुलाकात की । जहां उसे पूरा न्याय का भरोसा मिला । लेकिन पीड़ित परिवार का कहना है कि उसे लगातार फोन कर धमकी दिया जा रहा है और चाकीकला पर बुलाया जा है है ।

आपको बतादें कि चाचीकला इंचार्ज की पहले भी गंभीर शिकायत मिली थी जब वे गुरमा चौकी पर थे और लॉकडाउन के दौरान एक व्यापारी पर बेरहमी से पीटने का आरोप लगा था । जिसके बाद उन्हें हटाया गया था ।

इस पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक से संपर्क न होने के कारण उनका बयान नहीं मिल सका । लेकिन पुलिस की इस करतूत से ख़ाकी पर एक बार फिर दाग लगा है और यह दाग उस वक्त लगा है जब प्रदेश में मिशन शक्ति योजना को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के अलावा पुलिस पर भी भारी जिम्मेदारी है ।

अब देखना यह है कि पुलिस इस गंभीर प्रकरण पर क्या कदम उठाती है ।



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