साइकिल से बालू ढोने वाले गरीब मजदूरों पर वन विभाग की कार्यवाही निंदनीय

घनश्याम पांडेय/विनीत शर्मा (संवाददाता)

चोपन। वन विभाग के कर्मचारियों का दोहरा चरित्र हमेशा देखने को मिलता है वन माफियाओं, खनन माफियाओं पर इनका वश नही चलता है। इन्ही की कर्मचारी अधिकारियो के सह पर, देख रेख में आये दिन टिपर ट्रेक्टर से सोन नदी एवं सोन नदी के किनारे वन भूमि से अवैध बालू खनन जोरो पर है वही वन पहाड़ी से अवैध पत्थर खनन होते रहता है। जब हो हल्ला होगा खबरे प्रकाशित होगी तो दिखावे के लिए एक दो पर कार्यवाही कर खानापूर्ति कर दिया जाता है।

ये सभी बाते भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यकारणी सदस्य संजय जैन ने कहते हुए बताया कि इस कोरोना वैश्विक महामारी में आपदा में अवसर तलाशे जा रहे है इसके लिए मोदी की सरकार एव प्रदेश की योगी की सरकार रोजगार के अवसर तलाशने की मुहिम चला रहे है । वही गुरमा रेंज के रेंजर गरीब मजदूरो पर जुल्म ढा रहे है तथा नदी किनारे के गरीब मजदूर नगर में बालू की किल्लत को पूरा करने के लिए हाड़ तोड़ मेहनत कर साइकिल से बालू ढो कर प्रधान मंत्री आवास एवं स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले शौचालयो को पूरा करने के लिए बालू की आवश्यकता की पूर्ति करते है मकान वालो को बालू बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करते है। इन गरीब मजदूरों को गुरमा रेंजर पकड़ कर जेल भेजने का कार्य कर रहे है । इन गरीब मजदूरों के साथ न्याय होना चाहिए। अगर इनके साथ न्याय नही हुआ तो इनके परिवार में भुखमरी आ जायेगी।



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