स्कूल खुला लेकिन नहीं दिखी पहले जैसी रौनक

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । छह महीने के बाद आज जिले के सरकारी व निजी स्कूल एक अजीब से माहौल में पहली बार खुले लेकिन परिसरों से पहले जैसी रौनक नहीं दिखी। स्कूल के शुरूआती दौर में पहले प्रार्थना सत्र के वक्त पहले चहल-पहल होती थी लेकिन आज स्कूल परिसरों में चहल-पहल की जगह आम तौर पर सब कुछ शांत दिखा। स्कूलों के खुलने के बाद सुबह से ही स्कूल परिसरों छात्र-छात्राओं का आना शुरू हो गया। हर स्कूल के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्क्रिनिंग की व्यवस्था की गई थी। वहीं बच्चों से उनके अभिभावकों द्वारा प्रेषित सहमति पत्र के साथ ही विद्यालयों में प्रवेश दिया जा रहा था।

शहर के संत जेवियर्स, राजा शारदा महेश इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, आदर्श इंटर कालेज समेत कई अन्य निजी स्कूलों में दो पालियों में प्रथम सुबह 8.50 से 11.50 तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 12.20 से 3.20 तक का आयोजन किया गया लेकिन पहले दिन सभी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बहुत कम देखने को मिली।

राजा शारदा महेश इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ0 बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि “शासन के निर्देश के बाद आज से विद्यालय खुल चुके है। वहीं कोविड-19 के कारण छह महीने के बाद जब स्कूल खुले हैं तो संक्रमण से सुरक्षा के हर जरूरी एहितयाती व्यवस्था की गई है। बच्चों से उनके अभिभावकों द्वारा प्रेषित सहमति पत्र के बाद शासन के निर्देशानुसार थर्मल स्कैनिंग के उपरांत ही उन्हें विद्यालय परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है। आज पहले दिन बच्चों की उपस्थिति 30 प्रतिशत के आस-पास रही।”

सेंट जेवियर्स के प्रिंसिपल फादर एल्बर्ट ने बताया कि “शासन के निर्देशानुसार आज से विद्यालय खुल गए हैं। विद्यालय खुलने का पहला दिन होने के कारण बच्चों की उपस्थिति कम है। बच्चों को जरूरी एहतियात बरतते हुए सर्वप्रथम सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने तथा मास्क लगाने को आदतों में डालने के लिए प्रशिक्षित करेंगे। जिससे बच्चों को किसी प्रकार की कोई समस्या न हो और कोरोना वायरस से बचाव हो सके।”

छह महीने के बाद स्कूल पहुंचे बच्चे अपने साथियों से मिलने की खुशी व पठन-पाठन शुरू होने को लिए उत्सुक व खुश दिखे लेकिन अभिभावकों में कोरोना का डर अभी भी व्याप्त था।

कई अभिभावकों ने बताया कि कोरोना का कहर अभी भी जारी है। स्कूलों में सोशल डिस्टेंस आदि की पूरी व्यवस्था को सुनिश्चित करने के बाद ही पठन-पाठन कराना चाहिए।



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