सैकड़ों की संख्या में जमीन लेने आदिवासी पहुँचे कलेक्ट्रेट, प्रशासन स्तब्ध

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

● धम्म गुरु के आश्वासन पर जमीन लेने कलेक्ट्रेट पहुँचे थे आदिवासी

● आदिवासियों को प्रशासन ने समझा-बुझा कर भेजा वापस

सोनभद्र । सम्यक् मूल मोर्चा के तत्वाधान में बैकवर्ड जन अन्दोलन के तहत धम्म गुरु अशोकानन्द के नेतृत्व में भारी संख्या में आदिवासी ट्रैक्टरों पर बैठकर कलेक्ट्रेट पर पहुंचे तो प्रशासनिक अमले में हड़कम्प मच गया । सैकड़ों की संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे आदिवासियों को देखकर पुलिस के हाथपांव भी फूल गए, पूछने पर बताया कि जमीन लेने आये हैं । जिसके बाद पुलिस ने सभी को समझा-बुझाकर कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर किया और कलेक्ट्रेट का गेट बंद करवा दिया ।

वहां से सभी आदिवासी सीधे राबर्ट्सगंज के हाइडिल मैदान पहुंचे जहां उन्होंने अपने धम्म गुरु से मुलाकात की और एक बैठक भी की । सैकड़ों की संख्या में आदिवासियों के जिला मुख्यालय पहुंचने पर प्रशासन के ऊपर भी सवाल खड़ा होने लगा । एक तरफ धारा-144 और फिर कोरोना काल में जिस तरह से लोग ट्रैक्टरों में भर कर जिले में आये कोविड प्रोटोकॉल की पूरी तरह से धज्जियां उड़ा दी। सबसे बड़ी बात यह रही कि जो लोग आए थे उनमें ज्यादातर बिना फेस मास्क के थे और झुंड में थे, इस दौरान प्रशासन भी पूरी तरह से कन्फ्यूज दिखी । कलेक्ट्रेट पहुंचे कुछ आदिवासियों ने बताया कि वे 5 बीघा जमीन लेने आये है, जो उन्हें बताया गया है । जबकि कुछ ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी से मिलने की बात करने लगे । लेकिन बाद में पैशासन ने सभी को कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर कर दिया ।

हाइडिल पहुंचे लोगों से जब बात किया गया तो उन्होंने बताया कि वे गरीब है, आदिवासी अनुसूचित है, उनके पास कोई जमीन नहीं है, उनके संस्था के गुरु ने बताया है कि वे सभी को जमीन दिलवाएंगे। उसी के लिए आज सभी यहां इक्कट्ठा हुए हैं ।

अभियान के समर्थन में आये चंद्र बदन ने बताया कि “हम अपनी पार्टी के साथ अपने हक की लड़ाई के लिए आएं हैं । हमें शौचालय, कॉलोनी ये सब तो मिल गया लेकिन हम इसे बनाए कहाँ, हम गरीब आदमी हैं, हमारे पास जमीन नहीं है। हमारी पार्टी के लोगों ने हमें बताया है कि आप अनुसूचित जाति के हैं इसलिए आपको पांच बीघे जमीन सरकार को देना पड़ेगा और इसके लिए पार्टी आपके साथ है।”

वहीं सम्यक् मूल मोर्चा के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक धम्म गुरु अशोकानन्द ने कहा कि “आज बैकवर्ड जन आंदोलन के तहत प्रशासन को ग्यारह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया है। इसमें हमारी प्रमुख मांगें उ0प्र0 राजस्व संहिता 2006 की धारा 126 के तहत सामाजिक रूप से उपेक्षित व गरीब (OBC, SC, ST) के प्रत्येक परिवारों को कम से कम 5-5 बीघा जमीन खतौनी के साथ आवंटित किया जाय। जिसमें 10% पर बगीचा लगावें जिससे पर्यावरण संरक्षण हो तथा शेष 40% पर खेती-बाड़ी करें तथा सभी जाति वर्गों को आबादी के अनुपात में सभी क्षेत्रों (शिक्षा, सर्विस, विधायिका, न्यायपालिका) में हिस्सेदारी (आरक्षण) दिया जाय, ताकि OBC को भी 60% हिस्सेदारी प्राप्त हो सके। पूरे देश में जातिवार जनगणना करायी जाय तथा त्रिस्तरीय आरक्षण लागू किया जाय है। यदि इस सरकार ने हमारी माँग नहीं मानी तो हम सरकार बदल देंगे। यह रैली किसी भी राजनीतिक पार्टी से प्रेरित नहीं है।”

इस दौरान मोस्टपा के राष्ट्रीय प्रचारक पवन कुशवाहा, शिवमणि भास्कर (जिलाध्यक्ष), कमलेश गुप्ता, अवध नरायण सिंह मौर्य तथा आइसवेस के डॉ0 अरूण कुमार मौर्य (जिलाध्यक्ष), चन्द्रजीत मौर्य (महासचिव घोरावल), बबिता बिन्द (संयोजक महिला शाखा घोरावल), संजय कोल, बहादुर मौर्य (उपाध्यक्ष घोरावल), मंगरू कोल (तहसील कमेटी), रामकली प्रजापति, दीपचन्द साहनी, राम दुलारे मौर्य, श्री लाल कोल, परमशिला विश्वकर्मा, राधिका विश्वकर्मा, लालचन्द कोल, रामरक्षा कोल, महेन्द्र प्रसाद गौतम, अनिता गौतम, बलिराम कोल, सुखलाल कोल, जामवन्त मौर्य, शिव कोल, अजय कुमार गौतम, रमावती गोंड़, मोती लाल उपस्थित थे ।

यह है कि 11 सूत्रीय मांग

1. सभी जाति वर्गों को आबादी के अनुपात में सभी क्षेत्रों (शिक्षा, सर्विस, विधायिका, न्यायपालिका) में हिस्सेदारी (आरक्षण) दिया जाय, ताकि OBC को भी 60% हिस्सेदारी प्राप्त हो सके। पूरे देश में जातिवार जनगणना करायी जाय। त्रिस्तरीय आरक्षण लागू किया जाय।

2. उ0प्र0 राजस्व संहिता 2006 की धारा 126 के तहत सामाजिक रूप से उपेक्षित व गरीब (OBC, SC, ST) के प्रत्येक परिवारों को कम से कम 5-5 बीघा जमीन खतौनी के साथ आवंटित किया जाय जिसमें 20% पर बगीचा लगावें तथा 80 % जमीन पर खेती व मकान बना सकते है। इससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा।

3. OBC जातियों पर हो रहे अन्याय को रोकने हेतु OBC एक्ट बना कर पूरे देश में लागू किया जाय, ताकि पिछड़ी जातियों को भी सुरक्षा व सम्मान मिल सके।

4. उच्च व उच्चतम न्यायालयों में जजों की नियुक्ति मे OBC, SC/ST व Minty को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाय।

5. पर्यावरण संरक्षण हेतु दारू, नशा, हिंसा, मांसाहार प्रवृत्ति आदि का परित्याग हो एवं शासन द्वारा प्रतिबंधित हो।

6. समान शिक्षा हेतु एक पाठ्यक्रम, एक बोर्ड व एक परीक्षा नीति लागू हो , सरकारी व नीजी स्कूलों की फीस एक समान हो तथा सरकारी , नौकरियों में चयन हेतु साक्षात्कार समाप्त किया जाय ताकि धाधली रूक सकें।

7. सरकारी संस्थानों का निजीकरण (विनिवेश , निजी हाथो से बेचना) करना, जनता के अधिकारों को खत्म कर राजतन्त्र की वापसी का कुचक्र है। इसलिए तत्काल इसको बन्द कर सभी निजीकरण किए गये संस्थानों का राष्ट्रीयकरण किया जाय।

8. उ0प्र0 में कोल, धरकार व मुसहर जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाय तथा ST का प्रमाण पत्र जारी किया जाय।

9. महिलाओं की सशक्तिकरण के लिए महिला विरोधी दहेज व दहेज हत्या के अपराध को जड़ से समाप्त करने हेतू महिलाओं को भी पैतृक सम्पत्ति में समान अधिकार हेतु सरकार जन जागरण अभियान चलाकर बने कानून को अमल करें।

10. नए कृषि विधेयक को खत्म कर राष्ट्रीय किसान आय आयोग का गठन कर किसानों की आय कम से कम चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के बराबर निर्धारित किया जाय।

11. लाक डाउन काल के दौरान गरीबों का विजली बिल माफ किया जाय।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!