आपदा से निपटने के लिए बचाव ही सबसे कारगर रास्ता : एडीएम

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । आज अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह की आपदा नियंत्रण की तैयारियों सम्बन्धी अग्नि काण्ड के बचाव संबंधी बैठक सम्पन्न हुई।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी ने संबंधितों को निर्देशित करते हुए कहा कि “होशियारी ही बचाव है, आपदाओें से निपटना काफी कठिन और या ये समझे कि नामुमकिन काम है। इंसान अपनी सतर्क दूर दृष्टि, सत्बुद्धि व संभावित आपदाओं से काफी हद तक सर्तकता अपनाकर खुद को बचाने के साथ ही ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को भी विषम परिस्थितियों में बचा सकता है, लिहाजा आपदा से बचाव प्रबन्धन की जानकारी को बेहतर तरीके से हासिल करें और जिले में स्थापित औद्योगिक इकाईयां माल-माम्प्लेक्स, होटल, अस्पतालों व बड़े भवनों की अग्नि सुरक्षा के लिए उप जिलाधिकारीगण, पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, अधिशासी अधिकारीगण, अग्नि शमन के अधिकारीगण टीम के साथ जाकर औचक निरीक्षण व नियमित निरीक्षण करें और जरूरत पड़ने पर बिजली, जल निगम व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी आमंत्री सदस्य के रूप में शामिल भी करें।”

अपर जिलाधिकारी ने विश्व आपदा न्यूनीकरण दिवस/13 अक्टूबर के मौके पर अग्नि काण्ड के रोकथाम के लिए आयोजित अन्तर्गविभागीय समन्वय बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि गुजरात के व्यावसायिक शहर सूरत के तक्षशिला बिल्डिंग में वर्ष-2019 में भीषण काण्ड से जान-माल की नुकसानी हुई और पूर्व में भोपाल गैस त्रासदी में भी जनहानि, सम्पत्ति की काफी नुकसानी हुई है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति किसी भी हाल में न हो, के लिए जिले में स्थापित स्कूलों, कालेजों, होटलों, माल काम्प्लेक्सों, अस्पतालों, औद्योगिक इकाईयों, निजी शैक्षणिक संस्थाओं, कोचिंग इन्स्टीटयूट, बारात घरों, जिला, तहसील व ब्लाक स्तर के दफ्तरों की नियमित व आकस्मिक निरीक्षण करते हुए किसी भी संभावित आपदा/अग्नि काण्ड के स्थिति में बचाव सम्बन्धी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करायी जाय।

औद्योगिक इकाईयों में अग्नि शमन यंत्रों के साथ ही बिजली व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाय। प्राथमिक उपचार के साधन भी सुनिश्चित कराया जाय। महत्वपूर्ण स्थानों पर आपदा/दैवीय आपदा से बचाव सम्बन्धी जन जागरूकता सम्बन्धी बैनर, पोस्टर स्थापित कराये जाय। आपदा की स्थितियों में अग्नि शमन विभाग के साथ ही स्थानीय पुलिस थाने, उप जिलाधिकारी व अन्य सम्बन्धितों के टेलीफोन व मोबाइल नम्बर भी प्रदर्शित कराये जाय।

अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह ने आपदा/दैवीय आपदाओं के बचाव के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि ईश्वर न करें कि आपदा की स्थिति हों, फिर भी आपदा से निपटने के लिए बचाव ही सबसे कारगर रास्ता है।

अपर जिलाधिकारी ने कहा कि दैवी आपदाओं से बचने के लिए दैवी आपदाओं के आने के पहले व दैवी आपदा आने के बाद तथा दैवीय आपदा के क्रियाशील रहने की सूरत में सावधानियों की जानकारी बेहतर तरीके से प्राप्त करने के साथ ही समाज के भलाई के लिए ज्यादा से ज्यादा बचाव सम्बन्धी प्रचार-प्रसार भी करें। भूकम्प आने के पहले बचाव, भूकम्प के दौरान के बचाव, भूकम्प के बाद की सावधानियों से जुड़ी जानकारियों को बेहतर तरीके से जानें। इसी प्रकार से आग की दुर्घटनाओं की सूरत में ऊंचे मकानों में लगी आग, सामान्य मकानों में लगी आग, रसोई घर में लगी आग व खेत-खलिहान में लगी आग की सूरत में बचाव की सावधानियों को जानेंं। इसी प्रकार से बाढ़ की सूरत में सुरक्षा सुझाव, बाढ़ के आने की चेतावनी, बाढ़ आने के दौरान बचाव, बाढ़ वापस होने के बाद संभावित संचारी रोगों से बचाव को बेहतर तरीके से जानें।

अपर जिलाधिकारी ने कहा कि “आपदाओं से बचाव के लिए जैसे आगजनी, भूकम्प, बाढ़ आदि के सम्बन्ध में ड्रीलमार्क/दिखावटी बचाव के तरीके को प्रदर्शित किया जाय, ताकि ज्यादा से ज्यादा नागरिक बचाव के प्रति जागरूक होकर विषम परिस्थितियों में बचाव कर सकें। उन्होंने कहा कि गोताखोरों की सूची पूरे पते के साथ तैयार रखीं जाय, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी भी मदद ली जा सके।”

बैठक में अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह, अधिशासी अभियन्तागण, अधिशासी अधिकारी रेनुकूट डॉ0 अनिता शुक्ला, जूम ऐप पर सभी उप जिलाधिकारीगण, तहसीलदारगण, पुलिस क्षेत्राधिकारीगण के अलावा आपदा विशेषज्ञ संजीव कुमार सिंह, पवन शुक्ला सहित अन्य सम्बन्धितगण मौजूद रहे।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!