सपा कार्यालय पर मनाई गई डाo राम मनोहर लोहिया की 53वीं पुण्यतिथि

सुशील कश्यप/ईशान अवस्थी (संवाददाता)

पीलीभीत । पीलीभीत नगर में दिनांक 12/10/ 2020 को समाजवादी पार्टी के विचारक एवं चिंतक डॉ राम मनोहर लोहिया जी की 53वा पुण्यतिथि समाजवादी पार्टी कार्यालय पर नि.जिला अध्यक्ष आनंद सिंह यादव की अध्यक्षता में मनाई गई। डॉ राम मनोहर लोहिया के चित्र पर फूल माला अर्पित करते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित किया। तथा उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए गोष्ठी का आयोजन किया गया।

जिला अध्यक्ष आनंद सिंह यादव ने कहा डॉक्टर लोहिया कहते थे कि जिंदा कौमें पाँच साल इंतजार नही करती। डॉक्टर लोहिया के आदर्शों को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक मुलायम सिंह यादव जी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव हमेशा डॉ लोहिया जी के आदर्शों पर चलकर समाजवादी पार्टी को एक नई दिशा देने का काम कर रहे। 24 मई 1939 को डॉ लोहिया को उत्तेजक बयान देने और देशवासियों से सरकारी संस्थाओं का बहिष्कार करने के लिए पहली बार गिरफ्तार किया गया पर युवाओं के विद्रोह के डर से उन्हें अगले ही दिन रिहा कर दिया गया। हालांकि जून 1940 में उन्हें “सत्याग्रह नाउ” नामक लेख लिखने के आरोप में पुनः गिरफ्तार किया गया और 2 वर्षों के लिए कारावास भेज दिया गया बाद में उन्हें दिसंबर 1941 में आजाद कर दिया गया। डॉ राम मनोहर लोहिया का जन्म 23 मार्च 1910 को उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में हुआ था उनकी मां एक एक शिक्षिका थी उनकी मां का निधन बचपन में हो गया था उनके पिता राष्ट्रभक्त थे डॉ. लोहिया युवा अवस्था में विभिन्न रैलियों और विरोध सभाओं के माध्यम से भारत के स्वतंत्र आंदोलन में भाग लेने की प्रेरणा मिली उनके जीवन में नया मोड़ तब आया जब एक बार उनके पिता जो महात्मा गांधी के घनिष्ठ अनुयाई थे। गांधी से मिलाने के लिए राम मनोहर लोहिया को अपने साथ ले गए राम मनोहर लोहिया के व्यक्तित्व और सोच से बहुत प्रेरित हुए ।तथा जीवन पर्यन्त गांधीजी के आदर्शो का समर्थन किया।

पूर्व केबिनेट मंत्री/अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश अध्यक्ष मा0 हाजी रियाज अहमद ने कहा लोहिया जी हमेशा भारत की अधिकारिक भाषा के रूप में अंग्रेजी से अधिक हिंदी को प्राथमिकता दी उनका विश्वास था। अंग्रेजी शिक्षित और अशिक्षित जनता के बीच दूरी पैदा करती है वे कहते थे हिंदी के उपयोग से एकता की भावना और नया राष्ट्र के निर्माण से संबंधित विचारों को बढ़ावा मिलेगा वे जात पात के बहुत विरोधी थे उन्होंने जाति व्यवस्था के विरोध में सुझाव दिया “रोटी और बेटी के माध्यम से इसे समाप्त किया जा सकता है” वे कहते थे सभी जाति के लोग एक साथ मिलकर मिलजुल कर खाना खाएं डॉक्टर लोहिया चाहते थे बेहतर सरकारी स्कूलों की स्थापना जो सभी को शिक्षा के समान अवसर प्रदान कर सके।

पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने कहा डॉक्टर लोहिया ने अपने अंतिम कुछ वर्षों के के द्वारा उन्होंने देश के युवा पीढ़ी के साथ के साथ राजनीतिक और भारतीय साहित्य और कला जैसे विषयों पर चर्चा किया।

सपा नेता बालक राम सागर ने कहा भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान वर्ष 1942 में महात्मा गांधी, नेहरू, मौलाना आजाद और बल्लभ भाई पटेल जैसे कई शीर्ष नेताओं के साथ उन्हें भी कैद कर लिया गया था।

गोष्टी के अंत में समस्त कार्यकर्ता ने सर्वसम्मति से 15 अक्टूबर 2020 को एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना माता यशवन्तरी मंदिर के ग्राउंड में प्रातः 10:00 बजे से दिया जाएगा।

आज किसानों को धान व अन्य फसल का समर्थन मूल्य नहीं मिल पा रहा है।और किसानों को उनकी फसल की उपज मूल नहीं मिल रहा है।समाजवादी पार्टी किसानों का उत्पीड़न किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर सकती है। इसलिए डॉ.लोहिया के आदर्शों पर चलकर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना माता यशवन्तरी मंदिर के ग्राउंड पर दिया जाएग।

बैठक में नि. जिला उपाध्यक्ष नरेन्द्र मिश्रा कट्टर, डॉ.राममूर्ति गंगवार, अरुण वर्मा, नीरज गंगवार ,मोहम्मद रजा अंसारी, हरनाम सिंह यादव, बलकार सिंह, काशीराम सरोज, शक्ति गुप्ता, कमलेश परिहार, चंचल लोधी, गीता गुप्ता, किरन गंगवार, विवेक यादव, रिंकू पांडे ,किशन पासवान, प्रभु दयाल पासवान, आदित्य सक्सेना, महेश यादव, गौरव पासवान, अनिकेत यादव, नीरज वर्मा, सरफुद्दीन नूरी, शौकत अली, वीरेंद्र गंगवार, विशाल बाल्मीकि, संतोष बाल्मीकि, बाबूराम मौर्या, प्रदीप मौर्या ,दर्शन लाल वर्मा, अरशद खान, रामवती, विमला शर्मा, चेतराम यादव, मनीष कुमार ,धर्मेंद्र गौतम रामनिवास,अंसार मंसूरी आदि ने श्रद्धांजलि देते हुए अपने विचार व्यक्त किये।



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