कोरोना ने बदले परंपरा तोड़े कई नियम पर्वों की दशा व दिशा बदली, उत्साह को किया कम

मनोहर कुमार (संवाददाता)

– गाइड लाइन के दायरे में काम करने की विवशता

मुगलसराय । पर्वों के इस महान देश में कोरोना संक्रमण ने ऐसा जाल फैलाया की धर्म व आस्था के नियमों में परिवर्तन करना पड़ा। संक्रमण से बचने के लिए सामाजिक दूरी को पर्याय माना गया है।जिसके चलते हर पर्व को घरों में व सादगी से मनाने की गाइड लाइन जारी की गई है। जिसके दायरे में ही रहकर यह कार्य करना हो रहे है।जिससे इस परम्परा के निर्वहन में लगे हैं।
इस समय भारत में कोरोना संक्रमित केसों की संख्या बहत्तर लाख के करीब पहुंच रही हैं।इसके संक्रमण के फैलाव व प्रभाव को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पहले जनता कर्फ्यू उसके बाद 25 मार्च से पूरे देश में लॉक डाउन किया था। 21 का लॉक डाउन पहले चरण में किया था। उसके बाद इसे बढ़ाया गए। इसके बाद से सभी गतिविधियों पर विराम लगा गया था। इसके बाद सरकार ने गाइड लाइन के साथ अनलॉक की प्रक्रिया आरंभ की। सभी चीजों को धीरे-धीरे खोलने कि अनुमति दी जाने लगी इसके लिए सामाजिक दूरी व मास्क जरूरी का मंत्र दिया गया। 25 मार्च से अब तक कई पर्व पड़े। जिसे कोराना काल में गाइड लाइन के जरिए मनाया गए। इसके साथ ही कई परम्परा पर विराम से लगा गया। राम नगर की प्रसिद्ध राम लीला नहीं हो रहा है। जनपद में इस बार दुर्गा पूजा का आयोजन नहीं हो रहा है। इसे प्रतीक के रूप में मनाने की अनुमति दी गई।सड़क व चौराहे पर पंडाल व मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं है। इस समय का त्योहार व लगन का समय आ रहा है। सरकार ने इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रही है। आने वाले पर्व में भीड़ ज्यादा हो सकती है। इससे लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। इसके पहले भी कई पर्व कोरोना के कारण बदल के नियम के तहत कराए गया। इस समय सरकार का नारा है।जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं। सरकार इसी के तेज पर आगे बड़ रही है। इस साल पड़ने व हुए सभी पर्व व मांगलिक कार्य कोरोना के बचाव के साथ गाइड लाइन के दायरे में किए जा रहे हैं।



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