जांच हुई तो उजागर हो सकता है कई बेशकीमती जमीन का खेल, भूमाफियाओं को सताने लगा बेनकाब होने का डर

राहुल शुक्ला (संवाददाता)

खुटार क्षेत्र स्थित लोक निर्माण विभाग की जमीन का मामला

-लगभग नौ एकड़ जमीन की खुदरा बिक्री के बाद बनवाए गए मकान

-बीसों वर्ष बाद प्रशासन की टूटी कुम्भकर्णी नींद

-मकान बनवाने में लाखों रुपए खर्च करने वालों की नींद हुई हराम

-अनदेखी करने वाले विभागीय अधिकारियों पर क्या होगी कार्रवाही ?

खुटार (शाहजहॉपुर) । नगर के मुख्य मार्ग पर खुटार थाने की उत्तर दिशा में पीडब्ल्यूडी विभाग की बेशकीमती जमीन पर वर्षों पहले अधिकारियों की मिलीभगत से भू माफियाओं ने खरीद कर करोड़ों रुपए में बिक्री कर दी थी । इस बीच कई बार शिकायतें भी हुई थी लेकिन हर बार जिम्मेदारों का मुंह बंद कर दिया गया । लेकिन जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने इसे संज्ञान में लेकर कुछ लोगों पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश भी दिए थे । इस पर मुकदमा भी दर्ज किया गया जोकि न्यायालय में विचाराधीन है । बीते दिनों नायब तहसीलदार भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में राजस्व टीम ने खुटार थाना अध्यक्ष जयशंकर सिंह के साथ विवादित भूमि की नाप जोख कराई । विवादित भूमि पर मकान बनवाने वालों को अब चिंता सताने लगी है । लोगों का कहना है कि इस मामले में बड़ी कार्यवाही हो सकती है । जिससे खून पसीने से मेहनत की कमाई से जमीन का बैनामा कराने के बाद मकान बनवाने वाले लोगों के सामने बेघर होने की विकराल समस्या खड़ी हो सकती है।
बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े भूभाग पर अलग-अलग बिक्री होने के बाद मकान बनते रहे और अधिकारी या तो अपनी जेबें भरते रहे या राजनैतिक संरक्षण के दवाव में मूकदर्शक बने तमाशा देखते रहे।
लगभग बीस वर्ष से अधिक चले इस खेल में आलाधिकारी क्या करते रहे यह विचारणीय है ।

आपको बतादें कि खुटार क्षेत्र में यह पहला मामला नहीं है, यदि सही तरीके से जांच हुई तो कई बड़े चेहरे भूमाफिया घोषित हो जाएंगे ।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!