सूर्यदेव को जल चढ़ाने से हमारे व्यक्तित्व पर सीधा होता हैं असर, जानें


सूर्यदेव को जल चढ़ाने से हमारे व्यक्तित्व पर सीधा असर होता है। ज्योतिष की मान्यता है कि सूर्य देव सभी ग्रहों के स्वामी हैं, इसलिए यदि वे हमसे प्रसन्न रहते हैं तो बाकी ग्रहों की भी कृपा प्राप्त की जा सकती है। विज्ञान के अनुसार भी सूर्य को जल चढ़ाना लाभदायक बताया गया है।

कैसे दें सूर्यदेव को जल:
सूर्य को सुबह 8 बजे तक जल दिया जा सकता है। साथ ही सूर्य को जल देने से पहले जल में चुटकी भर रोली या लाल चंदन मिलाएं और लाल पुष्प के साथ जल दें। सूर्यदेव को जल देते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। अगर कभी ऐसा हो कि सूर्य नजर न आए तब भी उसी दिशा की और मुख करके ही जल अर्घ्य दे दें।

सूर्यदेव को जल चढ़ाने से से मिलते हैं यह लाभ:
सूर्यदेव को जल चढ़ाने के लिए जल्दी उठाना चाहिए। जल्दी उठकर जल चढ़ाने से ताज़ी हवा मिलती है और सूर्य की पहली किरणें हम पर पड़ती हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होती है।
सूर्यदेव को जल चढ़ाते समय लोटे से जो पानी की धारा गिरती है, उस धारा के बीच से उगते सूर्य को देखने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
सूर्य को जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का उपयोग करना चाहिए। जल में चावल, रोली, फूल-पत्तियां आदि भी डाल सकते हैं। जल चढ़ाते समय गायत्री मंत्र का जप करना चाहिए या भगवान सूर्यदेव के नामों का भी जप भी किया जा सकता है।
सूर्य की किरणों से हमारे शरीर को विटामिन डी मिलता है। सिर्फ सुबह के समय ही सूर्य की किरणें हमें लाभ पहुंचाती हैं। इसके बाद जैसे-जैसे सूर्य की गर्मी बढ़ती जाती है, वह हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती जाती है। इसीलिए सुबह-सुबह ही सूर्यदेव को जल चढ़ाया जाता है।
शास्त्रो के अनुसार इस दिशा कि तरफ मुंह करके नहीं सोना चाहिए।



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