ओपीपी कॉलेज ऑफ फार्मेसी एंड पैरामेडिकल में किया गया गोष्ठी का आयोजन

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । बलात्कार और यौन हिंसा की बढ़ती घटनाओं के कारण महिलाओं में डिप्रेशन, एंग्जाइटी और पोस्ट ट्रामेटिक स्ट्रेस डिसआर्डर और यहां तक कि आत्महत्या की प्रवृत्ति जैसी मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं। इसी को लेकर आज विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थिति ओपीपी कॉलेज ऑफ फार्मेसी एंड पैरामेडिकल में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का थीम “स्वस्थ समाज, शिक्षित समाज, समृद्ध समाज” रहा। गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि प्रभव हॉस्पिटल के मैनेजिंग डॉयरेक्टर डॉ0 आर0डी0चतुर्वेदी उपस्थित रहे।

इस संगोष्ठी में महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य, आसपास के वातावरण, यौन हिंसा के मनोवैज्ञानिक प्रभाव, घरों और कार्यस्थलों पर हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि “महिलाओं और लड़कियों के साथ लगातार बढ़ती हिंसा चिंता का विषय है। अब लोगों से इस विषय पर संपर्क करना जरूरी है। हम सबको मिलकर इसको दूर करना है। यह एक प्रयास है सभी के साथ सामुहिक रूप से अपने प्रयासों को करने का। उन्होंने कहा कि हिंसा एक छोटा शब्द है, लेकिन इसका अर्थ और प्रभाव व्यापक है। महिलाओं के विरुद्ध हिंसा समाप्त करने के लिए हम सबको मिलकर आगे आना है। इसलिए हमारा सबसे पहला प्रयास शिक्षा का बढ़ावा देने का होना चाहिए।”

वहीं इसी अवसर पर पंकज द्विवेदी द्वारा लिखित पुस्तक “The Text book of Medical Terminology” का विमोचन भी किया गया।

कोरोना काल में प्रत्येक घर की जरूरत को ध्यान में रखते हुए छात्र-छात्राओं ने फर्स्ट एड किट बॉक्स की एक प्रदर्शनी भी लगायी थी, जिसमें सर्वश्रेष्ठ फर्स्ट एड किट बॉक्स का पुरस्कार शैलजा शुक्ला तो वहीं द्वितीय व तृतीय पुरस्कार क्रमशः ज्योति केशरी व रंजना भारती को मिला।

इस दौरान डॉयरेक्टर ओम प्रकाश पांडेय, प्रिंसिपल आर0के0द्विवेदी, सह निदेशक अश्विनी पांडेय, मैनेजर सिद्धार्थ पांडेय, फैकेल्टी अन्नू मौर्या, पंकज द्विवेदी, प्रीति उपाध्याय, नेहा पांडेय, आकाश सोनी, नवीन मिश्रा समेत समस्त छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।



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