किसान न जलायें पराली जैविक खाद, पशु चारे के रूप में करें उपयोग- डीएम

दीनदयाल शास्त्री (ब्यूरो)

० कृषक बन्धु अनुदान पर ले सकते हैं यंत्र- जिलाधिकारी

पीलीभीत । जिलाधिकारी पुलकित खरे की अध्यक्षता में पराली के उचित प्रबंधन के दृष्टिगत जनपद के 155 कस्टम हायरिंग सेंटर एवं फार्म मशीनरी बैंक के प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक देर शाम गांधी प्रेक्षागृह पीलीभीत में संपन्न हुई। आयोजित बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त कस्टम हायरिंग सेंटर के प्रभारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सरकार ने आप सभी को कृषि उपकरणों पर अनुदान प्रदान करते हुए लाभान्वित किया गया है, अतः आप सब का उत्तरदायित्व की अपने न्याय पंचायत में पराली जलने की घटनाओं को रोकने में प्रशासन का पूर्ण सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि आप सभी लोग ग्राम प्रधानों के साथ बैठक आयोजित कर निर्धारित दरों पर कृषकों को पराली प्रबंधन से संबंधित उपकरण उपलब्ध कराते हुए पराली को काटकर मिट्टी में मिलाने का कार्य करें, उन्होंने कहा आप सभी का दायित्व है कि जनपद की भूमि की उर्वरता बनाए रखें यह तभी संभव है जब किसान खेत में पराली ना जलाए। उन्होंने कहा सभी कस्टम हायरिंग सेंटर अपने क्षेत्र के कृषक भाईयों को जागरूक करें कि पराली किसी भी दशा में न जलाएं और उसे वेस्ट डिकम्पोजर या मल्चर के माध्यम से सड़ाकर जैविक खाद के रूप में उपयोग करें जिससे भूमि की उर्वरकता में भी वृद्धि हो सकेगी। इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा समस्त हायरिंग सेंटर मालिकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हम सभी का दायित्व है कि आने वाली पीढ़ी को अच्छा वातावरण व श्रेष्ठ संसाधन उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि खेत में पराली को जलाने से भूमि के पोषक तत्व व सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं जिससे उत्पादकता की क्षमता पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।

आयोजित बैठक में फार्म मशीनरी बैंक हेतु चयनित किए गए 39 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान व सचिवों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को फार्म मशीनरी बैंक हेतु चयनित किया गया है, अगले 3 दिन में समस्त ग्राम पंचायत में उपकरण खरीदने की कार्यवाही सुनिश्चित करें जिससे समय से पराली के उचित प्रबंधन में पंचायत में उनका प्रयोग किया जा सके। इसके साथ ही साथ जनपद के 18 सहकारी समितियों व 06 गन्ना समितियों का भी चयन फार्म मशीनरी बैंक हेतु किया गया है समस्त सचिवों को कड़े निर्देश देते हुए उपकरण खरीद कर पराली के उचित प्रबंधन हेतु उपयोग करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए। उन्होंने समस्त कस्टम हायरिंग सेंटर को कड़े निर्देश देते हुए कहा यदि किसी के ग्राम पंचायत में पराली जलाने की घटना प्रकाश में आती है तो संबंधित की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी और रजिस्ट्रेशन निरस्त करने की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
आयोजित बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त सम्बन्धित को निर्देशित करते हुये कहा कि सभी सुनिश्चित करें कि अपने अपने क्षेत्रों में पराली किसी भी दशा में न जलाई जाये और निर्देशित किया कि ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर किसानों को जागरूक किया जाये तथा पराली को नष्ट करने हेतु वेस्ट डिकम्पोजर का प्रयोग कर जैविक खाद के रूप में प्रयोग करे। पराली को पशुओं के चारे के रूप में काट कर उपयोग करें। किसानों द्वारा पास की गौशाला में पराली काटकर पहुंचाने पर कटाई व ढुलाई का भुगतान ग्राम पंचायत द्वारा किया जायेगा, इस सम्बन्ध में भी जागरूक किया जाये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीनिवास मिश्र, उप निदेशक कृषि यशराज सिंह, जिला कृषि अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी जितेन्द्र कुमार मिश्रा, कस्टम हायरिंग सेन्टर व फार्म मशीनरी बैंक के प्रभारी सहित अन्य उपस्थित रहे।



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