राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तंज, मोदी सरकार नहीं जानती कि लॉकडाउन में कितने प्रवासी मजदूर मरे और कितनी नौकरियां गईं

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एकबार फिर केंद्र सरकार पर हमला किया है। राहुल गांधी ने इसबार प्रवासी मजदूरों की मौत के मामले को उठाते हुए केंद्र सरकार पर शायराना तंज कसा है। दरअसल, विपक्ष ने सरकार से पूछा कि लॉकडाउन में कितने प्रवासी मजदूरों की जान गई। इस पर केंद्र ने कहा कि उसके पास इस संबंध में आंकड़ा नहीं है। वहीं, अब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार को इस मसले पर घेरा है। राहुल गांधी ने कहा है कि मोदी सरकार नहीं जानती कि लॉकडाउन में कितने प्रवासी मजदूर मरे और कितनी नौकरियां गईं। राहुल गांधी ने ट्वीट किया है कि उनका मरना देखा जमाने ने, एक मोदी सरकार है, जिसे खबर न हुई।

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि ‘मोदी सरकार नहीं जानती कि लॉकडाउन में कितने प्रवासी मजदूर मरे और कितनी नौकरियां गईं। तुमने ना गिना तो क्या मौत ना हुई? हां मगर दुख है सरकार पे असर ना हुई, उनका मरना देखा जमाने ने, एक मोदी सरकार है जिसे ख़बर ना हुई।’

दरअसल संसद सत्र के पहले दिन केंद्र सरकार ने पूछा गया था कि लॉकडाउन के दौरान देश में कितने प्रवासी मजदूरों की मौत हुई थी और उनके परिवार को कितना मुआवजा दिया गया? इस सवाल के जवाब में केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने इसके जवाब में कहा कि मृतकों की संख्या को लेकर कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि चूंकि इस तरह का डेटा नहीं जुटाया गया था, इसलिए पीड़ितों या उनके परिवारों को मुआवजे का सवाल ही नहीं उठता।

आपको बता दें कि कोरोना वायरस के कारण जब देश में लॉकडाउन लागू किया गया, तो उस दौरान प्रवासी मजदूर इससे खासा प्रभावित हुए। प्रवासी मजदूरों का जत्था इस दौरान बड़े औद्योगिक शहरों से निकलकर अपने मूल स्थान पर लौटने लगा। लाखों की संख्या में मजदूर सड़कों पर उतरे और इस दौरान देशभर में कई जगह सड़क हादसे हुए। इसमें कई मजदूरों की मौत हुई। इसके बाद सरकार ने मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया।


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