जाँच की आंच पहुँची अनुदानित मदरसों के शिक्षकों तक

फ़ैयाज़ खान मिस्बाही (ब्यूरो)

गाजीपुर । ये साल शिक्षकों के लिए कुछ अच्छा नही रहा।चाहे वह शिक्षक परिषदीय के हों या फिर वो शिक्षक अनुदानित मदरसों के हों।शिक्षकों की नियुक्तियों में हुए घोटाले की नित नयी परत खुलने के साथ हीं शासन ने जिले के अनुदानित मदरसों में तैनात शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र की जांच करवाने का भी फैसला किया है। जनपद में 23 अनुदानित मदरसा संचालित हो रहे है। इसमें 380 शिक्षक कार्यरत है। जिससे मदरसा के शिक्षकों में हडकंप मचा हुआ है।

अनुदानित मदरसे के शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र सहित सभी अभिलेखों की जांच की जाएगी। अरबी-फारसी मदरसों के शिक्षकों की जांच के प्रमाण पत्रों की जांच करवाए जाने के संबंध में एक कार्ययोजना भी बनाई गई है। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी प्रभात कुमार ने सभी शिक्षकों को शैक्षिक दस्तावेज सहित आधार व पैन कार्ड कार्यालय में जमा करने का निर्देश दे दिया है। उन्होने बताया कि इन सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों को परिषद को भेज दिया जाएगा। सभी शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेज की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद की ओर से शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की विधिवत जांच कराए जाने को लेकर कार्ययोजना बनाई जा चुकी है। 14 सितंबर तक सभी शिक्षकों शैक्षिक दस्तावेज जांच के लिए मदरसा शिक्षा परिषद को भेज दी जाएगी।
इस जाँच से शिक्षको में काफी गुस्सा है कि जब सारे मदरसो के शिक्षको के प्रमाण पत्र पोर्टल पर मौजूद है तो फिर इस तरह आदेश जारी कर के सबके प्रमाण पत्रों को मंगाना और फिर उसकी जांच करना समझ से बाहर है।


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