मॉस्को में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच हो सकता है द्विपक्षीय बातचीत

चीन के साथ लद्दाख सीमा पर पिछले कई महीनों से तनाव की स्थिति बरकरार है । भारतीय सेना चीन को मुंहतोड़ जवाब दे रही है। विवाद के बीच मॉस्को में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय बातचीत हो सकती है । SCO बैठक के बीच जयशंकर और वांग यी बॉर्डर विवाद पर चर्चा कर सकते हैं । दोनों तरफ से बॉर्डर पर तनाव कम और खत्म करने पर जोर दिया जाएगा ।

सूत्रों के मुताबिक द्विपक्षीय बैठक तय हो गई है जबकि दोनों तरफ से समय और तारीख अभी तय नहीं हुई है। ये मीटिंग 10 सितंबर को भी हो सकती है । विदेश मंत्री जयशंकर चार दिवसीय दौरे पर मॉस्को जाएंगे । कुछ दिन पहले ही दोनों देशों के रक्षा मंत्री भी मॉस्को में मिले थे । गलवान घाटी में 15 जून को हुई झड़प के बाद से चीन की तरफ से बॉर्डर पर तनाव के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है ।

चीनी रक्षा मंत्री वी फेंग ने राजनाथ सिंह से कहा था कि दोनों देशों और सेनाओं के बीच संबंध को बॉर्डर पर जारी तनाव ने गंभीर रूप से प्रभावित किया है। चीन और भारत के बीच सीमा पर मौजूदा तनाव का कारण और सच्चाई बहुत स्पष्ट है, और जिम्मेदारी पूरी तरह से भारत की है ।

जबकि जयशंकर और वांग यी की मीटिंग के बाद बॉर्डर पर जारी तनाव के कम होने के आसार नजर आ रहे हैं । यह भारत के पास चीन को बताने का एक मौका होगा कि बॉर्डर से पीएलए को पूरी तरह से हटाए बिना कुछ भी हल नहीं होने वाला है और चीन को पीएलए को विवाद क्षेत्र से हटाना ही होगा। बैठक में भारतीय सेना की काला टॉप और हेलमेट टॉप इलाके में पॉजिशन पर भी बात की जाएगी ।


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