काशी विद्यापीठ ने बगैर परीक्षा दिए छात्रों को अगली कक्षा में किया प्रमोट,देखें आदेश —-

रमेश यादव ( संवाददाता )

दुद्धी ।महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने स्नातक और स्नातकोत्तर के फाइनल ईयर के छात्रों को छोड़कर प्रोन्नत कर दिया है। वार्षिक परीक्षाओं में उत्तीर्ण छात्रों को ही विश्वविद्यालय प्रोन्नति देगा और अनुत्तीर्ण छात्रों को प्रोन्नति का लाभ नहीं मिलेगा। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध पांच जिलों के तीन लाख छात्रों को प्रोन्नति का लाभ मिलेगा।जिसमे वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर और भदोही के महाविद्यालय भी शामिल हैं। कुलसचिव डॉ. साहबलाल मौर्य ने 5 सितम्बर को आदेश जारी करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से 18 मार्च के पहले हुई परीक्षाओं के अंक के आधार पर छात्रों को प्रोन्नति दी जाएगी। कापियों का मूल्यांकन किया जा रहा है।
यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रथम वर्ष के छात्र जो प्रोन्नत किए गए हैं उनको द्वितीय वर्ष की परीक्षा के सभी विषयों में उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। प्राप्तांकों के औसत के आधार पर ही जिन विषयों में परीक्षा नहीं हुई है उनको प्रथम वर्ष में अंक प्रदान किए जाएंगे।
यदि कोई छात्र 2021 की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो जाता है तो वह 2022 की परीक्षा में फिर से शामिल होगा। उन्होंने बताया कि यदि कोई छात्र 2021 के परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं है तो वे छात्र बैक पेपर की परीक्षा में शामिल होकर अंकों में सुधार कर सकते हैं।

भाऊ राव देवरस राजकीय पी जी कॉलेज दुद्धी के परीक्षा प्रभारी डॉ रामसेवक सिंह यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा फाइनल ईयर के छात्रों को छोड़कर सभी को प्रमोट करने सम्बन्धी आदेश जारी कर दिया गया है।अब बी ए ,बी एस सी तथा बी काम , सेमस्टर में एम ए द्वितीय तथा एल एल बी के द्वितीय और चतुर्थ सेमेस्टर के छात्रों को प्रमोट का लाभ मिलेगा ।


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