फीस माफी को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । कोरोना महामारी के दौर में आज जब देशभर के स्कूल बंद हैं। आज निजी स्कूलों के अभ‍िभावकों के सामने ऑनलाइन कक्षाओं की मोटी-मोटी फीस की एक बड़ी चिंता सामने खड़ी हो गई है। लॉकडाउन के दौर में कई लोगों ने अपने जॉब खो दिया तो किसी का व्यवसाय ठप पड़ गया है। स्कूलों की तरफ से लगातार पड़ रहे फीस के दबाव के बाद अब अभ‍िभावक तमाम माध्यमों से सरकार तक अपनी बात पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी क्रम में आज अभिभावकों ने कलेक्ट्रेट में ट्यूशन फीस हाफ करने तथा वार्षिक, विकास शुल्क माफ कराने की मांग करने के साथ ही अभिभावकों मंच ने जिलाधिकारी संबोधित एक ज्ञापन सदर तहसीलदार सुनिल कुमार को सौंपा।

अभिभावक मंच के अध्यक्ष गिरीश पाण्डेय ने बताया कि “सरकार द्वारा विद्यालयों को एडमिशन लेने तथा आनलाइन पढ़ाई शुरू कराकर शुल्क लिए जाने की बात बताकर विद्यालयों द्वारा आनलाइन की फार्मेलिटी मात्र पुरी करते हुए अप्रैल माह से अबतक की पूरी ट्यूशन फीस के अतिरिक्त विकास शुल्क, वार्षिक शुल्क तथा लाइब्रेरी मैग्जीन के नाम पर भी हजारों हजार रुपये अभिभावकों से जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है। विद्यालयों द्वारा फीस ना जमा करने की स्थिति मे बच्चे का नाम काटने तथा पढ़ाई से वंचित करने की बात भी कही जा रही है, जिससे छात्र तथा अभिभावक मानसिक रूप से चिंतित और व्यथित हैं।”

अभिभवाक सूर्यकांत चौबे ने बताया कि “पिछड़ा जनपद सोनभद्र होने के नाते अभी ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादातर छात्रों के पास आनलाइन पढ़ाई हेतु संसाधन मसलन मोबाइल फोन तथा इन्टरनेट का ही अभाव है, ऐसे मे सरकार द्वारा 75% अटेंडेंस की अनिवार्यता पूरी करा पाना मुश्किल है।”

अभिभावक तथा अधिवक्ता राजीव चतुर्वेदी ने बताया कि “दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली के विद्यालयों को वार्षिक शुल्क तथा विकास शुल्क ना लेने का आदेश दिया है, ऐसा ही उत्तर प्रदेश मे भी किया जाना चाहिए।”

अभिभावक मंच की मांग का समर्थन करते हुए पूर्वांचल नव निर्माण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी तथा शिवसेना जिलाध्यक्ष सत्यम पाण्डेय ने कहा की सरकार की उदासीनता के कारण विद्यालय बंद रहने के बावजूद आज विद्यालय अभिभावकों का दोहन सरकार की सह पर कर रहे हैं। नेता द्वय ने कहा की अभिभावकों की मांग पर यदि कार्रवाई करते हुए फीस मे राहत नही दी गई तो पूर्वांचल नव निर्माण मंच तथा शिवसेना के लोग अभिभावकों के साथ बड़ा आंदोलन करेंगे।

अभिभावकों ने जिलाधिकारी का ध्यानाकर्षक कराते हुए पुरे मामले पर गंभीरतापूर्वक विचार कर यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड तथा आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों मे निर्धारित ट्यूशन फीस को पचास प्रतिशत कम कराते हुए जमा कराने का आदेश दिए जाने के साथ साथ लिए जा रहे वार्षिक शुल्क, विकास शुल्क तथा लाइब्रेरी व मैग्जीन शुल्क पर विद्यालय बंद रहने तक प्रतिबंध लगाने की मांग की।

इस दौरान ऋषि पाठक, आनंद शुक्ला, संतोष, प्रवीण श्रीवास्तव, ओमप्रकाश, सुजीत राय, राजीव तथा छोटेलाल उपस्थित रहे।


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