दिलदार नगर में पुलिस की बर्बरता आयी सामने

फ़ैयाज़ खान मिस्बाही(ब्यूरो)

गाजीपुर। नुरपूर कांड की आंच अभी पूरी तरह से शांत भी नहीं हुई थी कि दिलदारनगर पुलिस की बर्बरता का मामला सामने आ गया। दिलदारनगर थाना क्षेत्र के दिलदारनगर गांव निवासी सलीम कुरैशी (55) की पत्नी सरवरी ने आरोप लगाया है कि शनिवार की रात करीब दो बजे घर का दरवाजा बंद कर हम सभी परिवार के लोग सो रहे थे। तभी अचानक चार से पांच पुलिस के लोग आए और दरवाजा खोलने को बोले। मेरे पति ने ज्यों ही दरवाजा खोला, पुलिस वाले उन्हें घसीटकर ले जाने लगे।
मैने विरोध किया तो मुझपर धप्पड़ बरसाने लगे। बोले कि जो रूपया हो निकालो, वरना थाना ले जाकर बंद कर दूंगा और मारकर हाथ-पैर तोड़ दूंगा। तभी एक पुलिस वाले ने कहा कि गोली मार दो। भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए राड नुमा डंडे से मेरे पति को बेरहमी से मारते हुए घर से बाहर घसीटकर ले जाने लगे। गंभीर रूप से घायल मेरे पति बेहोश हो गए। उनके अंडरवियर की जेब से लगभग 20 हजार रूपया, जो फल खरीद के लिए रखे थे, वह निकाल लिया। पुलिस वाले इनको बीच गली में ही छोड़कर फरार हो गए। हमारे पति पिछले कई वर्षों से दिलदारनगर बाजार में सरैला चट्टी पर ठेला पर फल बेचते हैं। हम गरीब लोग हैं, हमारा एकमात्र सहारा हैं हमारे पति। पुलिस वालों की इस कायराना हरकत से हम आहत और भयभीत है। पत्नी ने बताया कि गंभीर रूप से घायल पति को उपचार के जिला अस्पताल लाया गया, जहां गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। इस संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र पांडेय ने बताया कि सलीम कसाई का काम करता है। पशु वध की सूचना पर उससे पूछताछ करने के लिए पुलिस गई थी। वह भयवश छत से कूद गया, जिससे घायल हो गया। पुलिस द्वारा उसे मारने-पीटने का आरोप गलत है। सीओ जमानिया सुरेश शर्मा ने बताया कि यह मामला मेरे संज्ञान में है। मामले की जांच-पड़ताल कराई जा रही है, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


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