राजस्व परिषद को भेजी गई डीएम की रिपोर्ट झूठ का पुलिंदा : गोविंद

अबुलकैश डब्बल ब्यूरो
* सीएम को चिट्ठि लिख सांसद डॉ महेंद्र नाथ पांडेय भी धानापुर में तहसील बनाने की कर चुके हैं मांग
* डीवीएम का ऐलान, कमजोर राजनेताओं एवं झूठी नौकरशाही के विरुद्ध जल्द शुरू होगा जन आंदोलन

चंदौली। धानापुर विकास मंच के कोर ग्रुप की अति आवश्यक बैठक रविवार को बुद्धपुर स्थित कैम्प कार्यालय पर हुई। जिसमें प्रस्तावित धानापुर तहसील के निर्माण में रोड़े अटका रहे नेताओं एवं नौकर शाहों के विरुद्ध व्यापक जन आंदोलन शुरू करने की रणनीति बनाई गई।
बैठक में डीवीएम संयोजक गोविंद उपाध्याय ने कहा कि धानापुर में प्रस्तावित तहसील की मांग पर राजस्व परिषद को भेजी गई जिलाधिकारी की रिपोर्ट झूठ का पुलिंदा है। उन्होंने कहा कि धानापुर विकास मंच क्षेत्रीय नागरिकों के साथ धानापुर में तहसील बनाने की लगातार मांग करता आ रहा है। बावजूद इसके जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने राजस्व परिषद उत्तर प्रदेश के समक्ष जो रिपोर्ट भेजी है, वह किसी भी दशा में तथ्यपरक नहीं है। डीएम की रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि सकलडीहा तहसील के भाग धानापुर में जो तहसील प्रस्तावित की जा रही है। उसमें मैदानी क्षेत्र की तहसील का मानक 100 लेखपाल क्षेत्र है। जबकि प्रस्तावित धानापुर तहसील में मात्र 58 लेखपाल क्षेत्र आ रहे है। इसलिए मैदानी क्षेत्र में मानक के अनुसार तहसील बनाना उचित नहीं होगा। वहीं चकिया तहसील में मात्र 77 लेखपाल क्षेत्र है, और नौगढ़ तहसील मे मात्र 30 लेखपाल क्षेत्र है । वही चंदौली तहसील में भी 70 लेखपाल क्षेत्र और मुगलसराय तहसील में मात्र 65 लेखपाल क्षेत्र शामिल है।
श्री उपाध्याय ने डीएम की इस रिपोर्ट को हास्यास्पद करार देते हुए कहा कि सकलडीहा तहसील में कुल 158 राजस्व लेखपालों का क्षेत्र है। जिसमें 80 और 78 को दो भागों में विभाजित करके धानापुर तहसील का सृजन किया जा सकता है। परंतु जिलाधिकारी ने किस दबाव में राजस्व परिषद को ऐसी मिथ्या आख्या प्रेषित की है। यह समझ से परे है। उन्होंने इसके लिए स्थानीय राजनीति और कमजोर नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है। कहा कि जब क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने 16 अक्टूबर 2019 को सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर धानापुर में तहसील बनाए जाने का अनुरोध किया था तो क्या उनकी जिम्मेदारी मात्र पत्र लिखने और जनता को भ्रम में रखने तक ही सीमित थी ? ऐसे राजनेताओं एवं अफसरशाहों के विरुद्ध डीवीएम जल्द व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगा। बैठक में मुख्य रूप से कमलाकांत मिश्रा, डॉ राम अनुज यादव, वीरेंद्र सिंह, रामकवल यादव, रामविलास पांडेय, भभूति प्रसाद आदि शामिल रहे।


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