केंद्र सरकार तीर्थनगरी के कायापलट पर खर्च करेगी एक लाख करोड़ रुपए

राम मंदिर निर्माण पर काम बढ़ने के साथ अयोध्या का रूप भी भव्य से और भव्य होता जाएगा। केंद्र सरकार तीर्थनगरी के कायापलट पर एक लाख करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है । कोशिश यही है कि अयोध्या भगवान राम के आस्थावानों के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ विश्व पर्यटन नक्शे पर भी जगह बनाए। इसकी पहचान वैसे ही बने जैसे और दुनिया के सबसे बड़े तीर्थस्थलों की है ।

ऐसे में एक तरह भगवान राम से जुड़े स्थलों के विकास पर जहां पूरा जोर रहेगा, वहीं अयोध्या को भी वर्ल्ड क्लास आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा. रेल, सड़क और वायु, हर तरह के संपर्क मार्गों से अयोध्या की कनेक्टिविटी को बढ़ाया जाएगा ।पूरा प्रयास होगा कि अगर कोई बाहर से अयोध्या आता है तो उसे किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न हो।

सूत्रों के मुताबिक सरकार चाहती है कि अगले 5 साल में दुनिया को अयोध्या का ऐसा रूप देखने को मिले कि इसे ‘’मोस्ट फेवरेट टूरिस्ट डेस्टिनेशन” के तौर पर गिना जाने लगे. एयरपोर्ट, रेल, इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली जैसा कोई भी मोर्चा हो, सरकार ने अयोध्या और आसपास के इलाकों को चमकाने के लिए कमर कस ली है ।

अयोध्या में मंदिर परिसर से आठ किमी दूर के दायरे में फाइव स्टार होटल खोलने के लिए बड़े बिजनेस ग्रुप्स के साथ बातचीत भी शुरू हो चुकी है । इसके अलावा यहां सभी सुविधाओं से संपन्न धर्मशालाओं का जाल बिछाने की भी तैयारी है । अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 5 अगस्त को भूमि पूजन किए जाने के बाद से देश-विदेश का फोकस अयोध्या पर है । ऐसे में अयोध्या के ‘ओवरऑल डेवेलपमेंट’ के लिए रोडमैप पर तेजी से काम किया जा रहा है । इसके अलावा अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को भी पुख्ता बनाने के लिए हाईटेक तरीके अपनाए जाएंगे ।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की ही तर्ज पर राम मंदिर के आसपास के पुराने और जीर्णशीर्ण मंदिरों में स्थापित देवी-देवताओं की मूर्तियों को राम मंदिर में स्थापित किया जाएगा । अयोध्या के पुराने मंदिरों की भी पुरातत्व विभाग की ओर से सुध लेकर उनको आकर्षक बनाया जाएगा । ये मंदिर अयोध्या की धरोहर और विरासत हैं, इन्हें पूरी गंभीरता से संजोकर रखा जाएगा ।

देश में ऐसे कई बड़े साधु-संत हैं जिनके अभी तक अयोध्या में आश्रम या मठ नहीं हैं । वे भी अपने आश्रम या मठ यहां खोलने की तैयारी कर रहे हैं । कई साधु-संत ऐसे हैं जिनके आश्रम मथुरा, वृंदावन और हरिद्वार में तो हैं लेकिन अयोध्या में नहीं हैं । राम मंदिर निर्माण से अयोध्या पर सभी का ध्यान होने की वजह से वो भी यहां जल्दी से जल्दी आश्रम या मठ बनाने की तैयारी कर रहे हैं । योगगुरु बाबा रामदेव ने पतंजलि पीठ और जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद ने अयोध्या में जूना अखाड़ा स्थापित करने की इच्छा उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के संज्ञान में ला दी है ।

अयोध्या में विकास के पहिए तेजी से दौड़ने की संभावना को देखते हुए यहां जमीन के दाम भी तेजी से बढ़ने लगे हैं । आने वाले समय में अयोध्या के बड़ा टूरिस्ट हब बनने को भांपते हुए इस इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों ने तीर्थनगरी का रुख करना शुरू कर दिया है. ऐसे में कुछ ही महीनों में अयोध्या में जमीन के दाम आसमान छूने लगें तो हैरानी की बात नहीं। अयोध्या में तेजी से विकास होगा, विश्व स्तरीय सुविधा वाले होटल, सेंटर्स खुलेंगे तो यहां रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी । जिसका लाभ निश्चित रूप से स्थानीय लोगों को मिलेगा ।

केंद्र में मोदी सरकार तो लखनऊ में योगी सरकार, दोनों का ही अयोध्या के विकास पर पूरा ध्यान है. दशहरे पर योगी सरकार की ओर से अयोध्या में बड़े आयोजन की तैयारी है । जिसमें राम लीला का भी मंचन होगा. इसमें रामायण के पात्रों को बॉलीवुड-भोजपुरी सिनेमा के कई बड़े सितारे निभाते नजर आएंगे ।अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के काम के साथ ही सरयू नदी के रिवरफ्रंट को चमकाने, नदी के तट पर ढाई सौ मीटर से ऊंची भगवान राम की प्रतिमा लगाने, राम कथा म्यूजियम बनाने, रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है । केंद्र सरकार रामायण सर्किट के तहत अयोध्या समेत भगवान राम से जुड़े देश के सभी स्थलों को आपस में रेल, सड़क और वायु मार्ग से जोड़ने पर काम कर रही है । इनका आगे चलकर नेपाल और श्रीलंका तक भी विस्तार किया जाएगा ।


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