अवैध कटान की खबर के बाद मौके पर पहुंचे रेंजर, फारेस्ट गार्ड को मिली फटकार, खुली पोल

संजय केसरी (संवाददाता)

– जंगल में मिला कटा बेशकीमती लकड़ियों का जत्था

– महीनों तक बेशकीमती लकड़ी के कटाई को छुपाता रहा फारेस्ट गार्ड

– रेंजर की जांच में फॉरेस्ट गार्ड की खुली पोल

डालाजनपद न्यूज Live के खबर के बाद वन विभाग सकते में है । बड़े पैमाने पर अवैध कटान की खबर प्रकाशित किये जाने के बाद शाम वन रेंजर अनिल सिंह मौके पर मय फोर्स के साथ जांच करने पहुंचे । रेंजर द्वारा निरीक्षण किया तो पाया कि एक बोटा लगभग 30फिट की और कई बोटे लगभग 10-10 फिट के कटे पड़े हैं। इस संदर्भ में वन रेंजर अनिल सिंह ने जब बीट के फारेस्ट गार्ड से पूछा तो फारेस्ट गार्ड ने यह माना कि उसे कटान की जानकारी तो है लेकिन वह इसलिए रेंजर को नहीं बताया कि वह मुजरिम का पता लगा रहा था । फारेस्ट गार्ड द्वारा दिये गए गोलमोल जबाब सुनते ही रेंजर अनिल सिंह भड़क गए और जमकर फारेस्ट गार्ड को फटकार लगाई तथा कटे हुए अवैध लकड़ी को तत्काल वन रेंज चोपन भेजवाने की बात कही।

सूत्रों के मुताबिक लगभग एक महीने पहले अवैध बेशकीमती लकड़ी के तश्तरी की सूचना वन विभाग को मिली थी । जिसमें वन प्रभाग के आलाधिकारी जंगल में जम कर काम्बिंग किए परन्तु उन्हें कामयाबी नही मिली ।
ग्रामीणों की माने तो यह अवैध वेशकीमती पेड़ो की कटान वन कर्मी के मिलीभगत के कारण हो रहा हैं । उनका कहना हैं कि यह पेड़ उसी समय का कटा हुआ हैं।

आपको बतादें कि अभी कुछ महीने पहले तीन दिनों तक मुख्य वन संरक्षक लखनऊ समेत उनकी टीम ने म्योरपुर में गहन जांच किया था और काचन के जंगल मे वनों के अवैध कटान को लेकर जांच करने पहुंची थी । जिसमें लखनऊ की टीम भी वहां के कटान को देखकर हैरान थी। उन्होंने यहां तक कहा था कि वेशकीमती लकड़ियों का इतने बड़े पैमाने पर अवैध कटान पहले कभी नही देखा। वन माफिया और विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर म्योरपुर ही नही पूरे सोनभद्र में अवैध कटान का खेल खेलते है।

अब सवाल यह उठता हैं कि जब इस अवैध बेशकीमती पेड़ के कटान के बारे में बीट के फारेस्ट गार्ड को जानकारी थी तो उसने इतने दिनों तक वन रेंजर से क्यो छुपाई ?


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