किस आईपीएस अधिकारी ने शिक्षा विभाग की खोली पोल, पढ़े पूरी खबर और देखें वीडियो

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

● मामला सज्ञान में आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कम्प

● जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश

● सीओ करेंगे पूरे मामले की जांच

● बेसिक शिक्षा मंत्री के प्रभार वाले जिले का हाल

सोनभद्र । शिक्षा विभाग को सुधारने के लिए सीएम योगी लगातार प्रयास व नए प्रयोग कर रहे हैं ताकि शिक्षा के गुणवत्ता में निखार आ सके । मगर शिक्षा विभाग में तैनात अधिकारी से लेकर शिक्षक तक कैसे विभाग को पलीता लगा रहे हैं, इसका खुलासा सीनियर आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने अपने फेसबुक एकाउंट में एक ऑडियो पोस्ट ने कर दिया।

आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के इस पोस्ट के बाद शिक्षा विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है । अमिताभ ठाकुर ने ऑडियो पोस्ट करने के साथ लिखा है कि मुझे दी गयी जानकारी के अनुसार ये सुरेंद्र प्रताप, खण्ड शिक्षा अधिकारी म्योरपुर ब्लाक, सोनभद्र है। एक अध्यापिका के किसी सरकारी काम हेतु ₹10,000/- की बात स्वीकार कर रहे हैं । मुझे बताया गया कि वहां ऐसी बहुत शिकायतें हैं।

उन्होंने इस पोस्ट को जिले के डीएम, बीएसए से लेकर चीफ सेक्रेटरी व राज्य के मुख्यमंत्री तक को भेजा है। 24 जुलाई को किये गए इस पोस्ट के बाद शिक्षा विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है । जिलाधिकारी ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।

पिछड़ा जनपद होने की वजह से सोनभद्र को नीति आयोग में शामिल किया गया है ताकि यहां की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर किया जा सके । मगर शिक्षा विभाग में तैनात अधिकारियों से लेकर शिक्षकों तक फैले भ्रष्टाचार की पोल पहले भी खुलती नहीं है। मगर सीनियर आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने एक ऑडियो खुद के फेसबुक अकाउंट से पोस्ट किया है । जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है । 24 जुलाई को अमिताभ ठाकुर ने अपने फेसबुक अकाउंट से पोस्ट करते समय लिखा है कि मुझे दी गई जानकारी के अनुसार यह सुरेंद्र प्रताप, खंड शिक्षा अधिकारी म्योरपुर सोनभद्र हैं ।एक अध्यापिका के किसी सरकारी काम हेतु ₹10000/- की बात स्वीकार कर रहे हैं । उन्होंने आगे लिखा है कि मुझे बताया गया है कि वहां ऐसी बहुत सी शिकायतें हैं, कृपया देखें । इस पोस्ट को अमिताभ ठाकुर ने जिले के डीएम, बीएसए सहित प्रदेश के मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री तक को भेजा है।

मामले की जानकारी जब जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम को हुई तो उन्होंने फौरी तौर पर जांच के आदेश दे दिए। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

खास बात यह है कि बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी खुद सोनभद्र जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं। बावजूद इसके जिस तरह से सोनभद्र में भ्रष्टाचार पाँव पसार रहा है ऐसे में यह कहा जा सकता है कि भ्रष्टाचार ने शिक्षा विभाग को भी अपनी जद में ले लिया है और बगैर पैसे के लेन-देन के कोई भी काम करा पाना संभव नहीं है।


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