ओबरा में वायरल वीडियो का मामला, जिलाधिकारी ने मामला दर्ज कराने का दिया आदेश

आनन्द कुमार चौबे/कृपा शंकर पांडेय (संवाददाता)

● बुरे फंसे नगर पंचायत चेयरमैन पति

● वायरल वीडियो मामले को लेकर जिला प्रशासन चल रहा नाराज

● अब चेयरमैन पति को बताना होगा कैसे बंटता था कमीशन

सोनभद्र/ओबरा । बीते दिनों ओबरा नगर पंचायत क्षेत्र में एक वायरल वीडियो खूब चर्चा में रहा। वायरल वीडियो में एक सख्स विभागीय कमीशन को लेकर चर्चा करता नजर आ रहा था। इतना ही नही वायरल वीडियो में दिख रहा सख्स जिले के तमाम बड़े असफरों के पद को लेकर बता रहा था कि कहाँ कहाँ तक कमीशन बटती है। वायरल वीडियो की जानकारी जब जिलाधिकारी को हुई तो उन्होंने तत्काल जांच कर कार्यवाही करने का आदेश दिया था।

जिसके क्रम में जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा अधिशासी अधिकारी ओबरा को पत्र जारी कर कार्यवाही करने का आदेश दिया है। जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा जारी पत्र में बताया गया कि प्रथम दृष्टया यह वायरल वीडियो सही प्रतीत हो रहा है और बैठा सख्स नगर पंचायत अध्यक्षा ओबरा के पति संजय कुमार हैं। नगर पंचायत में हो रहे विकास कार्यों में कमीशनखोरी को लेकर चेयरमैन के पति के वायरल विडीयो के मामले में जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी ओबरा को एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।

जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने बताया कि 13अगस्त को एक विडीयो वायरल हुआ था, जिसमें अध्यक्ष नगर पंचायत ओबरा के पति संजय कुमार द्वारा जिला प्रशासन के विरुद्ध धन के लेनदेन के झुठे एंव गम्भीर आरोप लगायें गये थे। प्रथम दृष्टि में वायरल विडीयो देखने में रियल लग रहा है।

जिलाधिकारी ने वायरल विडीयो की सीडी के साथ नगर पंचायत ओबरा के अधिशासी अधिकारी को आदेश जारी किया है की वह इस मामले में एफआईआर दर्ज कराये।

ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि नगर पंचायत ओबरा की अध्यक्षा खुद बीजेपी पार्टी के समर्थन से चुनाव जीतकर आयी हैं। यदि नगर पंचायत में कमीशनखोरी चल रही है तो अब तक ऊपर शिकायत क्यों नहीं की गई, जबकि उनकी पार्टी खुद जीरो टॉलरेंस की बात करती है।

बहरहाल जिलाधिकारी के सख्त एक्शन ने अध्यक्षा के पति की मुसीबत बढ़ा दी है। अब देखने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले पर नगर पंचायत अध्यक्ष किसका बचाव करती हैं?


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