खबर का असर : हटायी गयी प्रसूताओं से अवैध वसूली करने वाली स्टाफ नर्स, पढ़ें पूरी खबर

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

● प्रसूताओं से अवैध वसूली की शिकायत की जाँच के बाद सीएचसी कोन में तैनात संविदा स्टॉफ़ नर्स नैना देवी का हुआ तबादला

● प्रसूताओं से अवैध वसूली की खबर को जनपद न्यूज़ live लगातार प्रमुखता से कर रहा था प्रकाशित

● जाँच टीम ने माना प्रसूताओं से लगातार अवैध वसूली करती थी संविदा नर्स

● अपने आदेश पत्र में सीएमओ ने माना कि प्रसूताओं से अवैध वसूली की शिकायतों के कारण स्टॉफ़ नर्स का अब तक कई बार हो चुका है स्थानान्तरण

● सीएचसी कोन से स्थानांतरित कर भेजा गया विकास खण्ड नगवाँ अन्तर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पनौरा

● लोगों के कार्यवाहिके बाद जनपद न्यूज Live को कहा Thanx

सोनभद्र । सीएचसी कोन में तैनात संविदा स्टॉफ़ नर्स नैना देवी के खिलाफ आखिरकार स्वास्थ्य महकमे को कार्यवाही करना ही पड़ा । आरोप था कि कोन में तैनात स्टाफ नर्स द्वारा प्रसूताओं से अवैध वसूली की जाती है । हालांकि शिकायत कोई नया नहीं था । मगर तैनात स्टाफ नर्स का वहां इस कदर बर्चस्व था कि उसके आगे किसी की नहीं चलती थी । बताया जाता है कि उसके खिलाफ खबरें भी लिखने की हिम्मत नहीं होती थी, वजह आरोप-प्रत्यारोप में फंसा देने का डर। लेकिन जनपद न्यूज Live के प्रसूताओं से अवैध वसूली की खबर लगातार चलाई और सीएमओ का बयान भी लिया गया । जिसके बाद अंततः स्वास्थ्य विभाग की कुम्भकर्णी निद्रा टूट गयी और मरीजों से अवैध वसूली की पुष्टि पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने संविदा स्टॉफ़ नर्स को आगे से ऐसे कृत्य की पुनरावृत्ति नहीं करने की चेतावनी देते हुए सीएचसी कोन से नगवाँ विकास खंड अन्तर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पनौरा स्थानांतरण कर दिया।

बताते चलें कि जनपद न्यूज़ live द्वारा संविदा स्टॉप नर्स द्वारा अवैध वसूली की खबर को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा था, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की कुम्भकर्णी निद्रा टूटी और पूरे मामले की जाँच के लिए अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में एक त्रिस्तरीय जाँच टीम गठित कर दिया था। जाँच रिपोर्ट मिलने के बाद यह पुष्ट हो गया कि संविदा स्टॉफ़ नर्स नैना देवी द्वारा लगातार प्रसूताओं और परिजनों से सुविधा शुल्क की माँग की जाती रही है और इसी के कारण उनके तबादले भी होते रहे हैं, इसलिए इस बार मुख्य चिकित्साधिकारी ने संविदा स्टॉफ़ नर्स को कड़ी चेतावनी देते हुए जननी सुरक्षा केंद्र कोन से हटा दिया है।

पहला केस –

31 मई को पीड़ित बिहारी प्रसाद यादव निवासी कचनारवा-कोन ने जननी सुरक्षा केंद्र कोन में तैनात संविदा स्टॉप नर्स नैना देवी पर प्रसव के लिए ₹3200/- मांगने का आरोप लगाते हुए सीएमओ को शिकायती पत्र सौंपा और आरोपी संविदा स्टॉप नर्स के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की माँग की थी।

दूसरा केस –

3 अगस्त का जननी सुरक्षा केंद्र, कोन का है जहाँ तैनात स्टॉप नर्स द्वारा प्रसव के मामले में प्रसूता के परिजनों से अवैध धन की माँग की। कोन थाना क्षेत्र के निगाई गाँव निवासी रामश्रृंगार चेरो ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र भेज स्टॉप नर्स पर प्रसव के बाद ₹5000/- सुविधा शुल्क माँगने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्यवाही की माँग की थी।

हालाँकि उक्त स्टॉप नर्स के तबादले के बाद क्षेत्र की गरीब, आदिवासी शिकायतकर्ताओं ने सीएमओ के फैसले का स्वागत किया है और कहा कि अब राहत मिलने की उम्मीद है। इन लोगों ने जनपद न्यूज़ live की तारीफ करते हुए कहा कि गरीबों और आदिवासियों की आवाज बुलंद करने के लिए धन्यवाद!

बहरहाल उक्त स्टॉफ़ नर्स पर यदि जांच में अवैध वसूली का आरोप सिद्ध हुआ है तो वसूली के आरोप में सिर्फ चेतावनी देकर स्थानांतरण करना ही कार्यवाही है, यह बड़ा सवाल अब भी खड़ा है।


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