पुत्र की दीर्घायु के लिए माताओं ने रखा ललही छठ व्रत

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । भादो महीने के कृष्ण पक्ष की षष्ठी को ललही छठ मनाया जाता है। ललही छठ को वैसे तो कई नाम है लेकिन पूर्वी उत्तर भारत में इसे ललही छठ कहा जाता है तो आइए हम आपको ललही छठ की महिमा के बारे में बताते हैं। इस दिन श्रीकृष्ण के भाई बलराम का जन्म हुआ था। इस अवसर पर महिलाएं वेदी सजाकर विधि विधान से पूजन-अर्चन कर पुत्र की कुशलता की कामना करेंगी।

ज्योतिषाचार्य दिनेश पांडेय के अनुसार षष्ठी तिथि शनिवार की रात 2:10 बजे से शुरू हो गई है। इसका मान आज दिन और रातभर रहेगा। भोर में 4:15 बजे सप्तमी तिथि लगेगी। इसलिए ललही छठ का पूजन दिनभर किया जा सकता है। भद्रा आदि का कोई योग नहीं है।
व्रत के पूजन सामग्री की खरीदारी शुक्रवार को ही व्रती महिलाओं ने कर लिया था क्योंकि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के कारण शनिवार व रविवार को बाजारों में लागू पूर्ण लॉक डाउन के चलते बाजारों में पूर्ण बंदी रहती है।

इस दौरान नीति सिंह, मंजू गिरी, पुष्पा सिंह, मीनू चौबे, रुबी गुप्ता, अंशु अग्रहरि, संगीता पाठक सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहे।


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