8 दिन बाद मिला अधिवक्ता धर्मेंद्र का जला हुआ शव, पैसे के लेन-देन में गयी जान, तीन हिरासत में

पिछले 8 दिनों से उत्तर प्रदेश सरकार के लिए सिरदर्द बना बुलन्दशहर में लापता हुए अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी की लाश को आखिरकार पुलिस ने शुक्रवार देर रात खुर्जा इलाके के एक टाइल्स गोदाम में 8 फीट गहरे गड्ढे से बरामद कर लिया । खास बात यह है कि जिस स्थान पर शव मिला उस गोदाम के पीछे ही शहर का पुलिस चौकी भी है । अधिवक्ता धर्मेंद्र का शव जिस स्थिति में मिला वह देखकर पुलिस भी सन्न रह गयी । धर्मेंद्र की न सिर्फ हत्या की गई बल्कि उसके शव को जलाने का भी प्रयास किया गया । लेकिन एक बात साफ हो गया कि यह पूरा घटना पैसे के लेनदेन को लेकर ही किया गया था । पुलिस ने इस मामले में गोदाम मालिक समेत अन्य दो लोगों को हिरासत में ले लिया है । शव बरामद के बाद गांव व शहर में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश में इन दिनों अपराध अपने चरम पर हैं और अपराधियों को खौफ नहीं । योगी सरकार लगातार अपनी पुलिस को अपराध पर नियंत्रण करने के लिए कठोर से कठोर कदम उठाने की छूट दे रखी है लेकिन वावजूद इसके अपराध का ग्राफ कम नहीं हो रहा । इन दिनों लगातार अपहरण की कई घटनाओं ने न सिर्फ सरकार को चिंता में डाल दिया है बल्कि विपक्ष को हमले का मौका भी दे दिया है । इसी कड़ी में 25 जुलाई से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी भी थे । पहले दिन से ही अपहरण जैसी खबरें आने लगी । जिसके बाद बुलंदशहर पुलिस के हाथ-पांव फूलने लगे । पुलिस भी लगातार परिवार को विश्वास में लेकर पिछले 8 दिनों से लापता अधिवक्ता को खेतों और जंगलों में ड्रोन उड़ा कर तलाशती रही । लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बीती शुक्रवार की देर रात करीब 12:00 बजे बुलंदशहर के खुर्जा इलाके के पॉश एरिया कबाड़ी बाजार में पुलिस चौकी के ठीक पीछे एक मार्बल टाइल्स के गोदाम में सूचना पर पुलिस ने तलाशी शुरू की तो लापता अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी का शव खुदाई के दौरान 8 फीट गहरे टैंक में मिला ।अधिवक्ता पर धारदार हथियार से वार किए गए थे और उनके शव की पहचान मिटाने के लिए आग लगा दी गई थी।

खुर्जा में अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी का शव मिलने के बाद इलाके में तनाव व्याप्त हो गया । मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद भर की पुलिस के साथ पीएसी को तैनात किया गया है । पुलिस ने हत्या के आरोप में मार्बल टाइल्स गोदाम मालिक विवेक उर्फ विक्की के साथ उसके दो नौकरों को हिरासत में लिया हैं । पुलिस के मुताबिक हत्यारोपी पहले दिन से ही पुलिस के साथ लापता अधिवक्ता को तलाशने में मदद कर रहा था मगर पुलिस को लापता अधिवक्ता का कोई सुराग नहीं लग रहा था।

अधिवक्ता धर्मेंद्र चौधरी की हत्या के बाद पुलिस ने भले ही हत्यारोपी और उसके नौकरों को हिरासत में ले लिया हो मगर पुलिस चौकी के पीछे हुई हत्या और पिछले 8 दिनों से अंधेरे में तीर मार तलाश रही बुलंदशहर पुलिस पर मुस्तैदी को लेकर कई सवाल खड़े होते हैं । वह भी ऐसे वक्त में जब उत्तर प्रदेश सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष की तरफ से चौतरफा वार किए जा रहे हो।


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