इस साल सावन के आखिरी सोमवार को पूर्णिमा तिथि का भी बन रहा हैं शुभ संयोग

पांचवां और सावन का अंतिम सोमवार 3 अगस्त को है। मान्यता है कि सावन का महीना महादेव को प्रिय है। ऐसे में सावन में भगवान शिवशंकर की पूजा और उपासना का विशेष महत्व होता है। यूं तो सावन महीने का ही खास महत्व होता है, लेकिन इस बार सवान का आखिरी सोमवार भी कई मायनों में खास है। सावन के आखिरी सोमवार को प्रीति और आयुष्मान योग बन रहा है। मान्यता है कि इस शुभ संयोग में पूजा करने से पूजा का फल दोगुना मिलता है। मान्यता है कि भगवान शिवशंकर अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करते हैं।

सावन के आखिरी सोमवार के दिन पूर्णिमा तिथि है। इस दिन चंद्रमा के मकर राशि में होने से प्रीति योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, यह शुभ संयोग सुबह 6 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। इसके बाद आयुष्मान योग लग जाएगा।

इस साल सावन के आखिरी सोमवार को पूर्णिमा तिथि का भी शुभ संयोग बन रहा है। पूर्णिमा और सोमवार के इस अद्भुत संयोग को सौम्या तिथि माना जाता है। मान्यता है कि इस शुभ संयोग में पूजा करने से सफलता हासिल होती है।

रक्षाबंधन और सावन का आखिरी सोमवार एक दिन:
सावन के आखिरी सोमवार को ही रक्षाबंधन का त्योहार भी मनाया जाएगा। सावन के आखिरी सोमवार और रक्षाबंधन के त्योहार का यह दुलर्भ संयोग है। कहते हैं कि इस दिन उपवास रखने से पूजा का फल दोगुना मिलता है। मान्यता है कि सावन के आखिरी सोमवार के दिन भगवान शिवशंकर और माता पार्वती धरती का भ्रमण करने के साथ ही अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।


अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!