सफलता के ये 5 मंत्र कामयाबी की सीढ़ी चढ़ने में आपकी कर सकते हैं मदद

कड़ी मेहनत और पक्के इरादे के बल पर कोई भी व्यक्ति अपने जीवन के लक्ष्य को बड़ी आसानी से पा सकता है। लेकिन कई बार लक्ष्य को पाने की राह में समस्याएं व्यक्ति को इस तरह घेर लेती हैं कि सफलता उसे कोसों दूर लगने लगती है। ऐसे में सफलता के ये 5 मंत्र कामयाबी की सीढ़ी चढ़ने में आपकी मदद कर सकते हैं।

जीवन अवसर नहीं, अनुभव का नाम है:
हर समय की तेरी-मेरी, हार-जीत और हरेक चीज को अपने काबू में करने की उठापटक बेचैनी के सिवा कुछ नहीं देती। हर पल आशंकाओं से घिरा मन जिंदगी को जी ही नहीं सकता। ओशो तो कहते हैं कि जीवन तथ्य नहीं, केवल एक संभावना है—जैसे बीज, बीज में छिपे हैं हजारों फूल, पर प्रकट नहीं, अप्रकट हैं। बहुत गहरी खोज करोगे तो ही पा सकोगे।

खुद पर भरोसा रखकर आगे बढें:
खुशी होती है यह सोचकर कि हर मुश्किल घड़ी का सामना हमने मुस्कराते हुए किया। हालात ने जितना भी गिराने की कोशिश की, हम हर बार उठने में कामयाब रहे। दुख हर किसी को तोड़ता भी नहीं है। टूटते वे हैं, जो सीखने के लिए तैयार नहीं होते, खुद पर भरोसा नहीं करते। कहावत है कि मुसीबत के समय हिम्मत हार कर बैठ जाने वाले बैठे ही रह जाते हैं।

चीजों को बदलना आपके हाथ में नहीं:
आपको समझना होगा कि कुछ चीजों को बदलना आपके हाथ में नहीं। वर्तमान आपके साथ है, भविष्य सामने। इसे सही कीजिए।

खुद से करें बात:
अपने आप से बातें करें। अकेले कहीं घूमने जाएं। उन दिनों और स्थितियों के बारे में सोचें, जिनकी वजह से आपको पीड़ा हुई है। आप जोर से चिल्लाइए, गुस्सा निकालिए और जिसने भी आपको दुख पहुंचाया है, उसे माफ कर दीजिए। आप कहिए, मैंने तुम्हें मुक्त किया और खुद भी मुक्त हुआ।

शॉर्टकट नहीं आएंगे काम:
जिंदगी में देर तक शॉर्टकट काम नहीं आते। आसानी से मिल जाने वाली चीजें भी तभी टिक पाती हैं, जब हम उनकी कीमत समझते हैं और लगातार खुद को उस लायक बनाने की कोशिश करते हैं। सफलता किसी एक दिन के प्रयास से नहीं, रोज की कोशिशों से मिलती है। अमेरिकी लेखक जॉन सी. मैक्सवेल कहते हैं, ‘सफलता की इमारत ईंट दर ईंट जोड़कर ही बुलंदी तक पहुंचती है।’


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