विवादित ढांचा विध्वंस मामले में भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने दर्ज कराया अपना बयान, खुद को बताया निर्दोष

अयोध्या स्थित विवादित ढांचा विध्वंस मामले में भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने गुरुवार को विशेष अदालत के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बयान दर्ज कराते हुए कहा है कि वह निर्दोष है तथा पूरा मामला राजनीति से प्रेरित होने के कारण उन्हें फर्जी फंसाया गया है उन्होंने अपने बयानों में सीबीआई के सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने बयान दर्ज करने के उपरांत भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के बयान के लिए 24 जुलाई की तिथि नियत की है।
विशेष अदालत ने पूर्व निर्धारित समय पर मुरली मनोहर जोशी का बयान दर्ज करना शुरू किया कुल 1050 प्रश्नों के उत्तर में अधिकांशतः उन्होंने मामले को राजनीति से प्रेरित होना कहां है। उन्होंने कहा है कि गवाहों ने अपने बयानों में झूठी गवाही दी है तथा कैसेट आदि जो भी साक्ष्य दाखिल किए गए हैं वह अप मिश्रित हैं। उन्होंने कैसेट के साथ छेड़छाड़ करना एवं एक योजना के तहत उन्हें विवेचना में शामिल किया जाना बताया है। अपने बयानों में मुरली मनोहर जोशी ने कहा है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद कल्याण सिंह अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि स्थल पर गए थे परंतु उन्होंने वहां पर मंदिर निर्माण का संकल्प नहीं दोहराया था।
प्रश्नों के जवाब में उन्होंने सबूत में दाखिल किए गए समाचार पत्रों की खबरों का खंडन करते हुए कहा है कि गलत खबरों को विवेचना में शामिल किया गया है उन्होंने साक्ष्य में दाखिल वीडियो कैसेट को भी मूल के अभाव में फर्जी बताया है। प्रश्नों के जवाब में उन्होंने कहा है कि पूरे मामले में राजनीतिक दबाव में गलत ढंग से विवेचना कर झूठे साक्ष्य संकलित किए गए हैं। अपने सवालों के जवाब में मुरली मनोहर जोशी ने कहा है कि संपूर्ण विवेचना राजनीतिक दुराग्रह से प्रेरित होकर की गई है तथा गलत एवं झूठे साक्ष्य संकलित कर गलत रूप से उन्हें आरोपित किया गया है। अदालत द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने कहा है कि राजनीतिक द्वेष के कारण झूठा मुकदमा चलाया गया है अदालत द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने कहा है किवह अपने को निर्दोष साबित करने के लिए सफाई साक्ष्य समय आने पर प्रस्तुत करेंगे।
अदालत के समक्ष आज सुनवाई के समय अभियोजन की ओर से ललित कुमार सिंह पूर्णेन्दु चक्रवर्ती एवं आरके यादव उपस्थित है जबकि बचाव पक्ष की ओर से विमल कुमार श्रीवास्तव केके दीक्षित एवं मनीष त्रिपाठी मौजूद थे। अन्य कोई आरोपी उपस्थित नहीं था जिसके कारण उनके वकीलों द्वारा हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र दिया गया जिसे अदालत ने आज के लिए स्वीकार कर लिया है। बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में अब तक 29 आरोपितों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं इस मामले में आरोपी ओम प्रकाश पांडे के फरार होने कारण अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट एवं कुर्की किए जाने का आदेश जारी किया है। अब केवल लालकृष्ण आडवाणी एवं सतीश प्रधान का बयान दर्ज होना शेष है। शुक्रवार 24 जुलाई को भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी का बयान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दर्ज होगा।


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