कैसे हो धान की रोपाई जब नहर में पानी ही नहीं आयेगा

विनोद कुमार (संवाददाता)
पानी के अभाव में पिछड़ रही धान की रोपाई
– जनप्रतिनिधियों के उदाशीनता से किसानों में आक्रोश

शहाबगंज।इस समय धान की रोपाई का पिक हावर चल रहा है। कर्मनाशा लेफ्ट नहर को फूल गेज से न चलने से किसान पानी के लिए परेशान हैं। पानी की कमी के कारण रोपाई नहीं हो पा रही है।कई दिनों से बरसात भी नहीं हो रही है।पिछले दिनों हुई बरसात नाकाफी साबित हो रही है। किसान नहर के पानी की आस लगाए बैठे हैं लेकिन, धान की रोपाई के समय नहर में फूल गेज पानी नहीं आ रहा है। ऐसे में किसान इंजन आदि से धान की रोपाई करने के लिए बिवश होना पड़ रहा है। डीजल के दामों ने भी किसानों की कमर तोड़ दिया है। ऐसे में किसान की हालत खराब होती नजर आ रही है। नहर में पानी न आने से क्षेत्र के दर्जनों गांवों की सैकड़ो एकड़ भूमि नहर के पानी से वंचित हैं। नहर में पानी की किल्लत हो रही है। इन किसानों की धान की फसल केवल नहर के पानी पर ही निर्भर हैं। वर्षा भी उतनी नहीं हो रही है जिससे रोपाई हो सके।अब किसान अपने खेतों में धान की रोपाई महंगे डीजल लेकर इंजन से करने को बिवश हैं ।लेकिन, छोटे किसान जिनके पास डीजल मशीन की सुविधा नहीं है वे धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।जिन लोगों ने बटाई या किराये पर लेकर खेती कर रहे हैं,वे खेतों की रोपाई इसको लेकर काफी परेशान हैं। किसानों ने संबंधित विभाग से तत्काल नहर में फूल गेज पानी छोड़वाने की मांग की है भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रेमनरायण सिंह मन्टू ने कहा कि सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों से बात की गयी है उन्होंने दो दिन के अंदर नहर चलाने का आश्वासन दिया है।उसके बाद भी नहर नहीं चलायी जाती तो किसानों के साथ धरना प्रर्दशन को सड़क पर उतरेंगे।
सिचाई विभाग ने कहा-सिंचाई विभाग के एक्सीएन सुरेश प्रशाद ने कहां कि चकिया से पचवनिया झाल तक सेवार और बेहया होने से पानी बाधित हो रहा है।जिससे पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है।पोकलेन द्वारा नहर की सफाई कराई जा रही है।शीघ्र नहर फूल गेज से चलने लगेगा।


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