बाहरी शिक्षकों की आवाजाही से शिक्षक संघ भी चिंतित, स्किनिंग व जाँच की माँग

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

लगातार गैर जनपद से शिक्षक बिना जांच के स्कूल में कर रहे हैं कार्य

छुट्टी मिलते ही बाहरी शिक्षक निकल जाते हैं घर

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासन चिंतित

जिले में शतक लगा चुका है कोरोना संक्रमण

सोनभद्र । अनलॉक-2 शुरू होने के साथ ही विद्यालय व कॉलेजों में शिक्षकों के पहुंचने का शासन स्तर से आदेश जारी कर दिया गया है, लेकिन बाहर से जिले में आ रहे शिक्षकों का न तो सही ढंग से स्क्रीनिंग हो रहा है और न ही उन्हें आने के बाद सीधे क्वारंटाइन सेंटर भेजा जा रहा है। वहीं गाँवों में क्वारंटाइन सेंटर बने प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को भी सैनिटाइज नहीं कराया गया है। इसलिए ऐसे शिक्षक जो गैर जनपदों में रहते हैं लेकिन शिक्षण कार्य सोनभद्र में कर रहे हैं, छुट्टी मिलते ही घर चले जा रहे हैं और फिर आ जा रहे हैं। शिक्षकों के बॉर्डर पार से आवाजाही को लेकर न सिर्फ स्थानीय शिक्षक डरे हुए हैं बल्कि जनपद भी असुरक्षित होता जा रहा है।

ताजा मामला सोमवार को सामने आया, जिसमें घोरावल की एक शिक्षिका कोरोना पॉजिटिव निकल गयी, जो मूल रुप से प्रयागराज की रहने वाली है। अब उस शिक्षिका को लेकर स्वास्थ्य विभाग यह पता लगाने में जुटा हुआ है कि उसके कॉन्टैक्ट किसके-किसके साथ हुआ था। यह तो एक बानगी है जो पकड़ में आ गया। कितने लोगों की जांच न होने से मामले सामने नहीं आ पा रहे।

आपको बता दें कि जिले में कुल 2452 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। कोरोना काल में अधिकांश विद्यालयों को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया था। यह विद्यालय मार्च के पहले पखवाड़े से बंद चल रहे थे। स्कूल-कॉलेज में बच्चों की छुट्टी होने के बावजूद अभिलेखीय कार्य के लिए शिक्षकों को स्कूल में उपस्थिति दर्ज कराने का फरमान जारी किया है। जिले में जिले में कुल 4893 शिक्षक हैं जिनमें से लगभग 60 प्रतिशत शिक्षक गैर जनपदों के रहने वाले हैं और अब शासन के निर्देश के बाद अपनी ड्यूटी ज्वाइन करने सोनभद्र आ रहे हैं। ऐसे में बगैर जाँच के उन्हें सीधे विद्यालयों में भेजना कोरोना संक्रमण के खतरे को बढ़ा रहा है।

वहीं पूरे मामले पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष योगेश पाण्डेय ने कहा कि “वहीं पूरे मामले पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष योगेश पाण्डेय ने कहा कि जब देश में मात्र 100 व्यक्ति संक्रमित थे तो सरकार ने 13 मार्च को ही स्कूल बंद कर दिया था और अब जब देश में ये आँकड़ा 9 लाख पर कर चुका है तो विद्यालय खोले जा रहे हैं। यदि सरकार विद्यालय खोल भी रही है तो प्रदेश सरकार को शिक्षकों के लिए भी सुरक्षा के उपाय करने चाहिए। उन्होंने विभाग व प्रशासन से गैर जनपदों से ड्यूटी ज्वॉइन करने आये शिक्षकों की थर्मल स्किनिंग तथा कोरोना जाँच कराने की मांग की।”


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