फल-सब्जी कम खाने वाले लोग ज्यादा हो रहे हाइपरटेंशन के मरीज शोध में खुलासा

फल-सब्जी कम खाने वाले भी ब्लडप्रेशर के मरीज हो रहे हैं। मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एक शोध में इसका खुलासा हुआ है। रोज चार सौ ग्राम से कम फल और हरी सब्जी खाने वाले करीब 47 फीसदी लोग हाइपरटेंशन के मरीज बन रहे हैं।

मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में पीजी की पढ़ाई कर रहे डॉ. लाल दिवाकर सिंह ने पुरुषों में उच्च रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) संबद्ध कारक विषय पर अपना शोध किया है। यह 30 से 70 वर्ष की उम्र से अधिक लोगों पर आधारित था। परिणाम काफी चौंकाने वाला रहा। ब्लड प्रेशर के मरीजों में करीब 47 फीसदी ऐसे लोग थे जो रोज 400 ग्राम से कम फल और सब्जी खाते थे। बाकी मरीजों में अन्य कई तरह के कारण सामने आए।

ग्रामीण की तुलना में शहरी अधिक:
सोहबतियाबाग के रहने वाले डॉ. लाल दिवाकर सिंह के शोध में एक और बात सामने आई। खाने में फल-सब्जी का उपयोग चार सौ ग्राम से कम करने पर बीपी के मरीजों में शहरियों की संख्या ग्रामीणों से अधिक है। ग्रामीण इलाकों में ऐसे लोगों की संख्या 43.08 फीसदी है, जबकि शहरी क्षेत्र में यह आंकड़ा 50.21 प्रतिशत है।

घर पर फालतू आराम करने वाले बीपी के मरीज:
डॉ. दिवाकर ने शोध में यह भी पाया कि अधिक काम करने वालों की तुलना में कोई काम न कर घर पर रहने वाले लोग बीपी के अधिक शिकार हो रहे हैं। ऐसे लोगों की संख्या तकरीबन 75 फीसदी रही। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो 78.72 फीसदी शहरी एवं 69.49 फीसदी ग्रामीण लोग ब्लडप्रेशर के मरीज मिले। वहीं, अधिक काम करने वालों के आंकड़ों पर गौर करें तो सिर्फ 11 फीसदी लोग ही बीपी के मरीज मिले। शहरी क्षेत्र में ऐसे लोगों की संख्या 9.33 फीसदी एवं ग्रामीण क्षेत्र 12.39 फीसदी मिली।

इनका कहना है:
हरी सब्जी और फल में पोटेशियम की मात्रा अधिक होती है। जब शरीर में पोटेशियम अधिक पहुंचेगा तो सोडियम की मात्रा स्वत: कम हो जाएगी। बीपी को नियंत्रित करने में सोडियम साल्ट की कम मात्रा शरीर के लिए काफी लाभदायक है। इसीलिए फल-हरी सब्जी अधिक फायदेमंद होती है।
डॉ. केके मिश्र, फिजीशियन, कॉल्विन अस्पताल।


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