आदिवासियों को बीज के लिए बोनस दिलवाने के नाम पर बैंक से करवा दिया लोन रिन्यूवल

रमेश यादव (संवाददाता)

– रन्नू गांव के चार आदिवासी किसानों को प्रलोभन देकर दलाल ले आया बैंक

– बैंक लाकर कई कागजातों पर साइन करवाने के बाद दलाल फरार

-पीड़ितों ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर लगाई न्याय की गुहार

– नही रुक रही बैंकों की दलाली

– गरीब आदिवासियों को लगाया जा रहा चूना

दुद्धी। कोतवाली क्षेत्र के आदिवासियों को बहला फुसलाकर ऋण दिलाने से दलाल बाज नहीं आ रहे हैं।जिसके कारण गांव का गरीब आदिवासी ऋण की दलदल में फंसता जा रहा है । जबकि दलाल दिनों दिन मालामाल होते जा रहे हैं । बुधवार को रन्नू गांव आदिवासी ग्रामीणों के साथ खाद बीज के नाम पर सरकार द्वारा 10 हजार की राशि बोनस दिए जाने की लालच दिखाकर उनसे आधार कार्ड और पासबुक की फोटो कॉपी लेकर आवश्यक प्रपत्रों पर हस्ताक्षर व अंगूठा लगवा कर उनका लोन करवाने का मामला प्रकाश में आया है। ग्रामीणों ने कोतवाली पुलिस को शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने कथित फरार दलाल की बाइक अपने कब्जे में लेकर मामले की छानबीन में जुट गई है। रन्नू गांव के आदिवासी ग्रामीण बजरंगी सिंह, रामसिंह, रामभगत, रामलखन ने बताया कि कल मंगलवार की दोपहर गांव में एक व्यक्ति आया था जो अपने आपको अमीन बताकर यह बताया कि आप लोगों को सरकार खाद बीज के लिए 10 हजार रुपये का बोनस दे रही है यह कहकर वह कल हम लोगों को अमवार रोड स्थित एक बैंक ले आया और आधार कार्ड और पासबुक की फ़ोटो कॉपी लेकर बैंक में कई कागजातों पर अंगूठा व हस्ताक्षर यह कह करवा लिया कि सरकार द्वारा बीज और खाद का पैसा मिलेगा । मंगलवार शाम यह कह कर भेज दिया कि आज बुधवार को आज पैसा मिलेगा। आज बैंक आने पर पैसा नहीं मिला। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि संजय कुमार ने बताया कि ग्रामीणों ने यह बात बताई थी कि उन्हें गांव में कोई अपने को अमीन बताने वाले व्यक्ति ने बताया है कि उन्हें बैंक से खाद बीज के लिए बोनस मिलेगा जिसको लेकर मैं जानकारी लेने बैंक आया । ग्रामीणों ने उक्त कथित अमीन को पहचनवाया तो पूछने पर उस व्यक्ति ने अपने को अमीन बताया । शंका पर हमने सुरक्षाकर्मियों को सुपुर्द कर मामले के बावत बैंक मैनेजर कक्ष में जाकर जानकारी लेनी चाही तो बैंक कर्मियों ने सुरक्षाकर्मियों से कहकर कथित अमीन को भगवा दिया। मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को ग्रामीणों ने लिखित में दे दी है। इस बावत बैंक मैनेजर संजीव कुमार ने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए बताया कि उक्त लोगो ने 2017 में लोन लिया था जिसको ना जमा करने की दशा में आवश्यक प्रपत्रों को जमा कराकर कर और कागजातों पर हस्ताक्षर करवा कर उनका लोन रिन्यूल कर दिया गया है। उन्हें नहीं पता कि बैंक उन्हें कौन क्या कह कर लाया । बैंक में उन ग्राहको को देखकर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर उनका लोन रिन्यूल किया गया है।

केवाईसी और पासबुक प्रिंट के नाम पर वसूली

अमवार रोड स्थित एक बैंक के नीचे और आस-पास बैंक मित्र शाखा का संचालको द्वारा बेख़ौफ़ धन धन उगाही किए जा रहे हैं।
दूर दराज के ग्राम के नाम पर क़स्बे में संचालित हो रहे ऐसे बीसी पॉइंट पर भोले भाले आदिवासियों का जमकर शोषण हो रहा है। चर्चाओं में है कि बैंक कर्मियों से इनकी मिलीभगत है। बैंक कर्मी ग्रामीणों को मजबूर कर इन शाखाओं पर यह कह कर भेजते हैं कि केवाईसी व पासबुक प्रिंट नीचे होगा। जहां पहले से शिकार के तलाश में बैठे बैंक मित्र शाखा केंद्र के संचालक़ उन आदिवासी ग्रामीणों से केवाईसी के नाम 5 सौ और पासबुक प्रिंट करने के नाम पर 2 सौ रुपये की अवैध वसूली कर रहें है। वसूले के अवैध धन राशि का बंटवारा उन बैंक कर्मियों में भी कर रहें है जिनके निर्देशों पर भोले भाले आदिवासी बतौर शिकार इन तक पहुँचते है।


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