चीन सीमा पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाने न्योमा पहुंचे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन सीमा पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए बिना किसी जानकारी और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के शुक्रवार सुबह लेह से करीब 25 किलोमीटर दूर न्योमा पहुंचे । इस दौरान पीएम मोदी के साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत और आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी मौजूद थे ।

शुक्रवार सुबह 7:00 बजे लेह हवाई अड्डे पर वायुसेना के विशेष विमान से उतरने के बाद प्रधानमंत्री मोदी हेलिकॉप्टर में सवार होकर सीधे न्योमा पहुंचे ।वहां नॉर्दर्न कमांड के कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल वाई. के. जोशी ने पीएम मोदी को लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चीन के साथ मतभेदों को लेकर जमीनी हालात की जानकारी दी ।

यहां सबसे अहम सवाल यह है कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी के बॉर्डर दौरे के लिए न्योमा को ही क्यों चुना गया? दरअसल, एक तरफ जहां न्योमा में सेना की ब्रिगेड हेडक्वॉर्टर के साथ-साथ कई सैन्य रेजिमेंट के बटालियन हेडक्वॉर्टर हैं, वहीं यह जगह भारत के इतिहास के साथ जुड़ी सिंधु नदी के किनारे पर है ।

यही कारण था कि प्रधानमंत्री मोदी को लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के सभी हालात की जानकारी सैन्य कमांडर द्वारा सिंधु नदी के किनारे पर दी गई । हर साल जून या जुलाई के महीने में सिंधु दर्शन के मेले का आयोजन भी होता है, जिसकी शुरुआत नब्बे के दशक में भारतीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने की थी । हालांकि इस साल कोरोना वायरस के चलते इस मेले का आयोजन नहीं हो पाया ।

न्योमा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेना के जवानों को भी संबोधित किया । इस दौरान पीएम मोदी ने बिना नाम लिए चीन पर निशाना भी साधा था । पीएम मोदी ने कहा कि विस्तारवाद का युग खत्म हो चुका है । अब विकासवाद का समय आ गया है। तेजी से बदलते हुए समय में विकासवाद ही प्रासंगिक है ।विकासवाद के लिए अवसर है और विकासवाद ही भविष्य का आधार है ।


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