प्रशासन जल संरक्षण पर गंभीर, मगर भू-माफिया नदियों का स्वरूप बिगाड़ने में जुटे

सुरेश श्रीवास्तव (संवाददाता)

■ पशु पक्षियों समेत वृक्षों की जीवनदायिनी नदियों का मिटता जा रहा अस्तित्व

खुटार (शाहजहांपुर) । जल संरक्षण को लेकर जहां शासन व प्रशासन गंभीर बना हुआ है । वहीं भू माफिया अवैध अतिक्रमण करने में लगे हुए हैं । भू माफिया अपने निजी स्वार्थ के लिए नदियों का ही अस्तित्व मिटाने में लगे हुए हैं ।
ताजा मामला क्षेत्र से प्रवाहित होने वाली झुकना नदी का है । जहां खुटार-बंडा रोड से नदी पर मिट्टी डाल करके समतल किया जा रहा है । पूर्व में भी काफी हद तक नदी का दायरा दोनों ओर से सिमट चुका है, शेष बचे हुए निशान को मिटाने के लिए पूरा समतल करने में भूमाफिया लगे हुए हैं । लोगों का कहना है कि यदि इस पर प्रशासन ने अभिलंब कार्रवाई न की तो झुकना नदी का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा ।
बताते चलें कि नदियों पर अतिक्रमण का यह पहला मामला नहीं है । इससे पूर्व में भी गोमती, भैंसी, कठिना आदि नदियों के किनारे-किनारे दोनों तरफ से पास स्थित फार्मरों ने कब्जा कर रखा है । जिससे नदियों में होने वाला जल बहाव पूर्ण रूप से किन्ही- किन्हीं नदियों का बंद हो चुका है । जिसके लिए नदियों को पुनर्जीवित करने का संकल्प लेकर पिछले दिनों कुछ भागीरथ बनकर सामने आए हैं, जिन्होंने नदी की साफ- सफाई अभियान चलाया था । जिसमें स्थानीय प्रशासन ने भी साथ दिया था । मौजूदा समय में यह भागीरथी लोग पौराणिक नदी भद्र शीला पर कार्य कर रहे हैं ।

बताते चलें यह गोमती की सहायक नदी झुकना पीलीभीत में महादेव मातिन के धनोधर तालाब से निकलकर खुटार रेंज के जंगल में नदी ढकवा घाट में प्रवेश करती है । वहां से निकल कर यह नदी पुवायां बंडा सीमा पर गांव गदाई सांडा के पास गोमती में मिल जाती है ।


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