योग मनुष्य को उसकी पूरी क्षमता को सभी आयामों में विकसित करता है,डॉ•जितेन्द्र सिंह

विनोद कुमार (संवाददाता)

घरों में लोगों ने किया योग

ग्रामीण महिलाओं के साथ कस्तूरबा में मना योग दिवस

शहाबगंज।चंदौली कोरोना वायरस व सूर्य ग्रहण के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस शान्ति पूर्ण ढ़ंग से मनाया गया।सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए परिवारीजनों के साथ करो योग रहो निरोग को आत्मसात करते हुए योग के विविध आयामों को किया गया। वही डॉ जितेन्द्र सिंह ने बताया कि
यदि कोई व्यक्ति अपने अंदर की संपूर्ण क्षमता तथा अपने अंदर छिपी असीम शक्ति को महसूस किए बिना दुनिया से चला गया तो एक तरह से उसका जीवन व्यर्थ चला गया।इंसान को ऐसी स्थिति का सामना ना करना पढ़े इसी लक्ष्य को लेकर योग का उदय हुआ हुआ ।योग सिर्फ शरीर को तोड़ने मरोड़ ने या सांसों का कोई व्यायाम तक सीमित ही नहीं है बल्कि योग का मतलब समष्टि के साथ जुड़ना है ।योग मनुष्य को उसकी पूरी क्षमता को सभी आयामों में विकसित करता है ।जिससे मनुष्य अपने संपूर्ण क्षमता का उपयोग किसी भी दिशा में कर सकता है। योग हर व्यक्ति की निजी सीमाओं को अतिक्रमण करके उसको ब्रह्मांड के साथ जोड़ता है ।योग का प्रचलन हमारी भारतीय संस्कृति में अभिन्न अंग के रूप में पुरातन काल से चला आ रहा है। योग हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण सदियों से रहा है। योग को हमें अपने भोजन की तरह अनिवार्य रूप से अपने जीवन में शामिल करना चाहिए। योग से तन और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं आज योग का महत्व पूरी दुनिया समझ रही है इसी लिए अब 21 जून को सारा विश्व योग दिवस के रूप में मनाता है।वहीं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की वार्डेन सुनिता पाण्डेय ने गांव की महिलाओं व युवतियों के साथ योग किया।इस दौरान कोरोना महामारी के बीच किस तरह योग के द्वारा आंतरिक ऊर्जा बढ़ाकर निरोग रहा जा सकता है।


अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
error: Content is protected !!