इस व्रत के प्रभाव से दांपत्य जीवन में आने वाली सभी बाधाएं होती हैं दूर,जानें


हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि व्रत आता है। भगवान शिवशंकर एवं माता पार्वती को समर्पित यह व्रत क्रोध, ईर्ष्या, अभिमान और लोभ से मुक्ति प्रदान करता है। मासिक शिवरात्रि व्रत इंद्रियों को नियंत्रित करने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। इस व्रत के प्रभाव से सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है।

इस व्रत के प्रभाव से दांपत्य जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं। इस व्रत को महिला और पुरुष दोनों रख सकते हैं। जिन कन्याओं के विवाह में समस्याएं आ रही हैं, उन्हें यह व्रत अवश्य करना चाहिए। श्रद्धापूर्वक इस व्रत को रखे जाने से भगवान शिवशंकर और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस व्रत के प्रभाव से असंभव कार्य भी पूरे हो जाते हैं। सच्चे मन से भगवान शिवशंकर की आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस व्रत में सर्वप्रथम भगवान श्रीगणेश का पूजन करें। शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करें। भगवान शिवशंकर और माता पार्वती की आरती करें। इस व्रत में उपासक को अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए। दान आदि करने के बाद ही उपवास खोलें। इस व्रत में श्रीहनुमान चालीसा का पाठ भी करें। ऐसा करने से आर्थिक परेशानी दूर होती हैं।

नोट:
इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।


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