म्योरपुर में वन कर्मियों को कोरोना नहीं, नौकरी का सता रहा डर, लगातार छापेमारी जारी

एस प्रसाद (संवाददाता)

– वन संरक्षक लखनऊ की जांच के बाद रेंज क्षेत्र में मिल रहा लकड़ियों का जखीरा

– जांच से खुल रही अधिकारियों की काली करतूत

– काचन जंगल से चल रहा था बेशकीमती लकड़ियों की तस्करी

जनपद न्यूज Live लगातार चला रहा अवैध कटान पर मुहिम

म्योरपुर । जनपद में लगातार कोरोना के आंकड़े बढ़ रहे हैं । आंकड़े बढ़ने से जहां एक तरफ लोगो को डर सताने लगा है, अधिकारी भी मंथन करने पर मजबूर हो गए हैं । वहीं रेनुकूट वन प्रभाग को इन दिनों कोरोना का नहीं बल्कि अपनी नौकरी का डर सताने लगा है । लॉक डाउन के दौरान जिस तरह से लखनऊ से आकर मुख्य वन संरक्षण की टीम लगातार तीन दिनों तक जांच कर वनों के कटान का पर्दाफाश कर दिया, उससे म्योरपुर रेंज समेत पूरा वन प्रभाग सकते में है। मुख्य वन संरक्षक टीम द्वारा जांच के बाद रेंजर समेत दो का विकेट भी गिरा दिया और नया आदेश पारित कर दिया कि हर सप्ताह रिपोर्ट भेजना होगा, जिसमें यह दर्शाना होगा कि उनके रेंज में कोई अवैध कटान व अवैध कब्जा नहीं है । इस रिपोर्ट के मांगे जाने के बाद से डीएफओ रेनुकूट के नेतृत्व में म्योरपुर रेंज क्षेत्र में कटान व अवैध लकड़ियों के भंडारण को लेकर छापेमारी की जा रही है वह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है । मजे की बात यह है कि हर दिन मुखबीर की सूचना पर छापेमारी में बड़ी संख्या में अवैध बेशमीमती लकड़ी बरामद हो रही है । लोगों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि इतनी लकड़ी आखिर कैसे बरामद हो रही है । जबकि यही वन विभाग पहले अवैध कटान से इनकार किया करता था और शिकायत करने पर उल्टा फर्जी मुकदमा लाद दिया जाता था । लेकिन देर से सही लेकिन वह विभाग इन दिनों पूरी तरह से दुरुस्त चल रही है ।

रविवार को म्योरपुर रेंज के पड़री ग्राम के चपरा टोले में स्थित एक घर से रेनुकूट डिवीजन के उड़ाका दल द्वारा छापेमारी कर बेशकीमती लकड़ी सागौन के फर्नीचर और सौ से अधिक पटरे बनाये बरामद कर रेंज परिसर ले आया गया है। छापेमारी का सिलसिला नियमित जारी है।उड़ाका दल प्रभारी धीरेन्द्र मिश्रा डिफ्टी रेंजर ने बताया कि वन प्रभागिय अधिकारी रेनुकूट के निर्देश पर म्योरपुर रेंज की टीम के साथ संयुक्त रूप से छपेमारी की गयी है। बरामद पटरे व फर्नीचर कि कीमत 3 लाख के आस पास आंकी जा रही है।इस कार्यवाही से गावँ में हड़कम्प की स्थित देखी गयी।

छापेमारी टीम में संजीव कुमार वन रक्षक,बिहारी पाण्डेय,विनीत कुमार सहित म्योरपुर रेंज के विजेन्द्र कुमार फॉरेस्टर,साज़िद खान वन रक्षक व ओम प्रकाश शामिल रहे।

आपको बता दें कि भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अल्पसंख्यक मोर्चा चाँद प्रकाश जैन की शिकायत के बाद वन संरक्षक लखनऊ के काचन जंगल में जांच करने पहुंचे थे । बेशकीमती लकड़ियों के व्यापक कटान का जांच जैसे ही सच उजागर होना शुरू हुआ तभी से वन प्रभाग, रेंज हरकत में आ गया है।

चर्चाओं की माने तो जहाँ उड़ाका दल छापेमारी कर फर्नीचर व पटरा बरामद किया है वहां की फर्नीचर कई अधिकारियों के घर की शोभा बढ़ा रहे हैं ।

बहरहाल डर से ही सही लेकिन जिस तरह से वन विभाग अभी काम कर रहा है यदि शुरू से ऐसे ही काम किया जाता तो शायद म्योरपुर का जंगल बच जाता ।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!