कारखाना न कारोबार, रहना है बेरोजगार

मनोहर कुमार (संवाददाता)

* कोरोना ने बदल दी कमाई का रास्ता।

* तीन लाख के पार संक्रमण की रफ्तार
भय व शंकाओं के बीच है लोग लाचार।


डीडीयू नगर। देश की राजधानी व वित्तीय राजधानी के अलावा प्रमुख शहरों में कोरोना संक्रमितों की संख्या ने हलचल पैदा कर दी है।तीन लाख के पार हुए संक्रमितों की संख्या से एक बार फिर भी कहानी बदलने की ओर है।भय व शकाओं के बीच लोग असमंजस में हैं। कारखानों व कारोबार को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।बेरोजगारों के समक्ष चुनौती है तो काम के अभाव में मजदूर परेशान हैं।बढ़ते मामलों को लेकर सरकारें एक बार फिर सक्रिय हो रही हैं।
विश्व के अधिकांश देशों में कोरोना का कहर जारी है। कोरोना से विश्व मे 76 लाख 63 हजार 731 मरीज है।जिसमें 38 लाख 81 हजार उपचार से ठीक हुए हैं। वहीं चार लाख से अधिक लोगों की जीवन की डोर थम गई है।भारत में भी कोरोना संक्रमितों की ग्राफ में तेजी है।शनिवार को आंकड़ा तीन लाख के पार चला गया।देश की राजधानी व वित्तिय राजधानी में संक्रमितों की संख्या व मौत ने लोगों को चिंता डाल दिया है। हालांकि उपचार के बाद ठीक होने वालों की संख्या भी बड़ी हैं।अनलॉक में मिली छूट का लोग बेवजह लाभ उठा रहे हैं।सोसल डिस्टेंसिंग का पालन नही हो रहा है। भय व शंकाओं का बादल उमड़ रहे हैं। पलायन कर आये मजदूरों के लिए रोजगार चुनौती बनती जा रही है।महानगरों में वापसी अभी सम्भव नहीं लग रहा है। बेरोजगार युवकों के लिए भी चुनौतियों कम नहीं हैं।लोगों में चर्चा का बाजार गर्म हो रहा है।कहीं कहानी फिर न दुहराई जाए।इस भय व सम्भवना के बीच लोगों की धड़कन बढ़ रही है।पूर्वांचल में भी संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो रहा है।अनलॉक में काफी कुछ खुल गया है।लोगों के जीवन की रेखा पटरी पर आ रही है।लोगों को मिली आजादी का सम्मान करना चाहिए।कोरोना से लड़ने के लिए मूल मंत्र दो गज की दूरी व मास्क का उपयोग करना होगा।


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