धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में देवालयों के कपाट खुले

वाराणसी । धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में मंगलवार को देवालयों के कपाट खोल दिए गए हैं। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के द्वार मंगलाआरती के बाद आम भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं। ढाई महीने बाद भक्त अपने आराध्य के दर्शन के बाद बेहद खुश हैं। भक्त सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजरी लगा रहे हैं। आपको बता दें कि वैश्विक महामारी कोरोना के कारण 21 मार्च को काशी विश्वनाथ मन्दिर को आम भक्तों के लिए बन्द कर दिया गया था।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों की सहूलियत के लिए ऑनलाइन पूजा की शुरुआत भी हो गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी शुरुआत की है। इस सेवा से भक्त घर बैठे बाबा विश्वनाथ की ऑनलाइन पूजा जैसे रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जप करा सकते है। श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश से पहले दो बार हाथों को सैनिटाइज करना आवश्यक होगा। एक बार में मंदिर परिसर में 5 श्रद्धालु ही उपस्थित होंगे और मंदिर परिसर में किसी भी विग्रह प्रतिमा या घंटी को छूना प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को प्रवेश से पहले थर्मल स्कैनिंग कराना अनिवार्य है। किसी श्रद्धालु के शरीर का तापमान अधिक होने या सर्दी जुखाम की स्थिति में उसे मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
काशी विश्वनाथ मंदिर के साथ वाराणसी में और भी कई धार्मिक स्थल खोले गए हैं, जिनमें श्री काशी अन्नपूर्णा, बाबा कीनाराम, दशाश्वमेध स्थित श्री गुरु बृहस्पति, तिलभांडेश्वर महादेव, गौरी केदारेश्वर, शूलटंकेश्वर महादेव मंदिर शामिल हैं।



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