एक तो गरीबी की मार, ऊपर से भ्रष्टाचारियों का सितम, गए थे आवास पता करने, खाली कर दिया एकाउंट

संजय केसरी (संवाददाता)

गुरमुरा । लॉक डाउन के दौरान लोगों के सामने रोजगार जैसी समस्या को देखते हुए जहां एक तरफ सरकार गरीब व जरूरतमंद लोगों के खाते में पैसे भेजकर मदद कर रही है वहीं गरीब लोगों के खाते पर भ्रष्टाचारी कैसे डाका डाल रहे हैं, इसकी बानगी कोटा ग्राम पंचायत के टोला पतगड़ी में देखा जा सकता है ।
लॉक डाउन के दौरान बैंकों में सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ रही धज्जियों को देखते हुए सरकार ने ग्रामीणों को पैसे निकालने के लिए हर सहज जन सेवा केन्द्र पर व्यवस्था सुनिश्चित की थी । जिसके तहत कोई भी ग्रामीण अपने आधार कार्ड के माध्यम से सहज जन सेवा केन्द्र जाकर आसानी से पैसे निकाल सकता है । बस इसी का फायदा उठाकर एक सहज जन सेवा केन्द्र कर्मी कई महिलाओं के खाते से पैसे उड़ा दिया। महिलाओं को उनके खाते से पैसे निकल जाने की जानकारी बैंक पहुंचने पर हुई । जिसके बाद मामला चौकी पहुंचा तो सहज जन सेवा केन्द्र कर्मी भी अपनी गलती स्वीकार कर ली ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को कोटा ग्राम पंचायत के टोला पतगड़ी की कुछ महिलाएं डाला चढाई पर स्थित सहज जन सेवा केन्द्र पर सरकार द्वारा आवास के सम्बंध में पता करने गई थी तो सहज जन सेवा केन्द्र कर्मी ने उन महिलाओं से आधार कार्ड लेकर अपने मशीन पर उन महिलाओं का अंगूठा लेकर बताया कि अभी लिस्ट में आवास आपके नाम पर नही आया हैं । फिर वह महिलाएं वहां से सीधे इलाहाबाद बैंक पैसा निकालने गई, जहां उन्हें पता चला कि उनके खाते से कुछ पैसा निकल चुका है । यह सुनते ही उन महिलाओं के होश उड़ गए और वह फिर उसी सहज जन सेवा केन्द्र पर पहुंच कर पैसा खाते से निकलने की बात सहज जन सेवा केन्द्र कर्मी से कही तो वह कर्मी उन महिलाओं के ऊपर झल्लाते हुए वहां से भगा दिया। जिसके बाद ग्रामीण महिलाएं खाते से पैसे निकलने को लेकर डाला चौकी में शिकायती पत्र देकर गुहार लगाई, जहाँ चौकी इंचार्ज द्वारा खाते से निकाले गए पैसे को दिलवाने का आश्वासन दिया गया।
बताया जा रहा है कि ग्रामीण महिलाओं के डाला चौकी पहुंचने की जानकारी सहज जन सेवा केन्द्र कर्मी को हुई तो उसके हाथपांव फूल गए और पुलिस चौकी पहुंच कर अपनी गलती मानते हुए पैसा वापस करने की बात कहते हुए शाम को कुछ महिलाओं के घर जाकर कर पैसा वापस किया ।
चर्चा के मुताबिक सहज जन सेवा केन्द्र कर्मी द्वारा लगभग पचासों ग्रामीणों के साथ ठगी की गई है ।

सहज जन सेवा केन्द्र कर्मी के इस कृत्य ने न सिर्फ गरीब आदिवासियों के साथ मजाक किया है बल्कि सरकार द्वारा दी गयी व्यवस्था को भी चुनौती दे दी है ।
अब देखने वाली बात यह है कि क्या सहज जन सेवा केन्द्र कर्मी द्वारा खुद की गलती मान लेने के बाद उसे बख्स दिया जाएगा या फिर कोई कार्यवाही की जाती है ।



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