मुख्य वन संरक्षक द्वारा कार्यवाही के बाद एक्शन में आया डीएफओ की टीम, काचन का जंगल छावनी में तब्दील, छापेमारी जारी

एस प्रसाद (संवाददाता)

◆ हर सप्ताह प्रत्येक रेंज को देना होगा अवैध कटान व अवैध कब्जे की रिपोर्ट – सूत्र

◆ जल्द गिरफ्त में आ सकते हैं कई वन माफिया

◆ वन माफियाओं में हड़कम्प

◆ मुख्य वन संरक्षक की कार्यवाही के बाद से एक्शन में दिख रहा रेनुकूट वन प्रभाग

◆ वन माफियाओं की गिरफ्तारी के बाद ही रुकेगा अवैध कटान

म्योरपुर । वन माफियाओं के साथ अवैध कटान में लिप्त म्योरपुर रेंज के रेंजर समेत अन्य कर्मचारियों को कभी यकीन ही नहीं था कि उनके खिलाफ जांच भी इतने बड़े स्तर की हो सकती है । लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य चांद प्रकाश जैन की शिकायत पर हुई जांच ने पूरे जनपद में हड़कम्प मचा दिया है। बेखौफ वन माफियाओं के साथ मिलकर वन कर्मी बेशकीमती लकड़ियों के सफाए को अंजाम दे रहे थे । लेकिन मुख्य वन संरक्षक लखनऊ की टीम काचन के खटाबरन कम्पार्टमेंट न.8 में जांच करने पहुंची तो उसके होश उड़ गए । सैकड़ों बेशमीमती पेड़ों के मात्र ठूंठ ही मिले । तीन दिनों तक जांच करने के बाद जैसे ही जांच टीम लखनऊ पहुंची वहां से रेंजर समेत तीन लोगों को क्लीन बोल्ड कर दिया । तीन वन कर्मियों के क्लीन बोल्ड होते ही रेनुकूट वन प्रभाग में हड़कम्प मच गया। सूत्रों की माने तो अभी कई लोगों का विकेट गिरना बाकी है ।

इस कार्यवाही के बाद रेनुकूट वन प्रभाग के डीएफओ ने अब कमान अपने हाथ में ले लिया है । इसी क्रम में डीएफओ की टीम नियमित काचन के जंगल में पैदल गस्त कर रही है । कार्यवाही के बाद रेनुकूट प्रभाग इस कदर एलर्ट हो गया है कि काचन का जंगल छावनी में तब्दील हो गया है ।

बताया जा रहा है कि आज वन विभाग की टीम जंगल के किनारे नदी नाले के पास झाड़ियों में छिपा कर रखे गए सागौन, साखू, हल्दू, सिध्द, खैर प्रजाति के बोटे तथा कुछ बल्ली भी बरामद किया है। सूत्रों के मुताबिक टीम द्वारा काचन गांव में की गई छापेमारी में खैर पेड़ का सौ से अधिक रखा गया बोटा टीम के हाथ लगा तो हड़कम्प मच गया । टीम द्वारा जैसे ही लकड़ी उठाया जाने लगा, एक व्यक्ति परमिट का होने की बात कहने लगा, जिस पर वन क्षेत्राधिकारी नवीन राय कहा कि परमिट होने पर रिलीज कर दिया जाएगा अन्यथा की स्थिति में सीज कर दी जाएगी।

चर्चा यह भी हो रहा है कि यदि लकड़ी काश्तकार के खेत में काटा गया तो वहीं डम्प होना चाहिए। जबकि लकड़ी उससे काफी दूर डम्प है। ग्रामीणों की माने तो डम्प के स्थान से तीन ट्रक लकड़ी जा चुकी है लेकिन अभी भी मौके उतनी ही लकड़ी पड़ा हुआ देखा जा सकता है।

सूत्रों की माने तो मुख्य वन संरक्षक लखनऊ ने हर सप्ताह सभी रेंज से लिखित रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है । अब हर रेंज ऑफिस को साप्ताहिक लिखित रिपोर्ट देना होगा कि उनके क्षेत्र में कोई अवैध कटान व अवैध कब्जा नहीं है । सूत्रों की माने तो यह इसलिए किया गया है कि भविष्य में फिर जांच हो सकती है। ऐसे में साप्ताहिक लिखित रिपोर्ट जमा रहने से जांच में कोई कमी मिलने पर सुनवाई नहीं होगी और कार्यवाही करने में आसानी भी होगी । यानी अब वन विभाग में फैसला स्पॉट होगा ।


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