आओ इंसानियत निभाए परिंदों को भी पानी पिलाएं

शैफाली रस्तोगी (संवाददाता)

सिरौली बरेली। “आओ इंसानियत निभाए परिंदों को भी पानी पिलाएं” यह शब्द भले ही गिने चुने हैं लेकिन इनका महत्व बहुत बड़ा है। जिस तरह भीषण गर्मी में सुखे कंठ की प्यास बुझाने के लिए हम लोग ठंडा पानी पीकर छांव में बैठते हैं इसी तरह से बेजुबान परिंदों के लिए सोचने की जरूरत है। परिंदे भले ही कुछ कह नहीं पाते लेकिन हर किसी को उनका दर्द समझने की जरूरत है। इसलिए आइए हम सब साथ मिलकर परिंदों को पीने के पानी के साथ उनके लिए घर भी उपलब्ध कराए।बन बिभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के बेरुखी की वजह से पक्षियों की कई प्रजातियां विलुप्त हो चुकी है गौरैया हमें छोड़ चुकी है ऐसा ना हो जो पक्षी हमारे नजदीक रहती हैं कहीं भी हमारी बेरुखी से दूर न हो जाएं। इसीलिए सभी लोग अपनी छत पर बर्तन पर पानी और कुछ भोजन उपलब्ध कराएं।



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