इकाई अधिकारी पर तेंदूपत्ता मजदूर ने लगाया बदसलूकी करने का आरोप

एस0के0 (संवाददाता)

सागोबांध । बभनी थाना क्षेत्र के घाघरा में मंगलवार को तेंदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूरों के साथ इकाई अधिकारी ने बदसलूकी, मारपीट व पैसे की छीना झपटी किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार जंगल ना होने के कारण बैना, तेंदुआल, सागो बांध, अहिरउवा मनारु आदि गांव के मजदूर बरवे, घाघरा की जंगलों से तेंदूपत्ता तोड़ते हैं। मंगलवार को इन सब गांव के 10 से 15 मजदूर बाइक से तेंदूपत्ता ला रहे थे जैसे ही घाघरा बाजार पहुंचे वैसे ही अनमोल सक्सेना व मोनू सिंह इकाई अधिकारी धनखोर व उनके एक दलाल राजेश प्रजापति उर्फ पिंटू उन मजदूरों को रोक लिया। रोककर उन सब मजदूरों के तेंदूपत्ता के बोरियों को रख लिया व उनके बाइक के चाबी को जबरदस्ती छीन लिया। उन सबको बकुलिया ले जाकर जबरजस्ती जेब में हाथ डालकर पैसे छीना-झपटी किया। पैसा न देने पर कुछ के साथ मारपीट भी किया। उन मजदूरों से 500 रुपए से लेकर तीन हजार रुपए तक लेकर बाइक की चाभी दिया गया। उन सभी के पत्ती के गड्डियों को भी रख लिया गया। बैना निवासी मजदूर सोहर ने बताया कि हम चार लोग का तेंदू पत्ता था हम बेचने बै ना ला रहे थे। घाघरा में इकाई अधिकारी के द्वारा रोक लिया गया। हमारे पत्ते को घाघरा प्रधान के यहां,हमारी गाड़ी को 1 किलोमीटर दूर दूसरे के यहां तथा मुझे 4 किलोमीटर दूर बरवे ले जाया गया। वहां ले जाकर 2000 रुपए की मांग की गई पैसा ना होने पर हमारी गाड़ी को चाबी को ले लिया गया व मुझे बरवे छोड़ दिया गया। मैं किसी तरह रात को पैदल चलकर 11 बजे घाघरा पहुंचा, मेरे पत्ते को नहीं दिए। गाली देकर रात 12 बजे गाड़ी की चाभी दिए तो मै किसी तरह घर पहुंचा। विचारणीय बात यह है कि पूरे देश लाक डाउन है, गरीब मजदूरों के सामने रोजी रोटी के लाले पड़े है। ऐसे में जहां अधिकारियों को गरीबों को मदद करना चाहिए तो अधिकारी ही गरीबों के जेब में हाथ डालकर रुपए छीन रहे है। पैसा न होने पर बदसलूकी व मारपीट कर रहे है।



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