घर मे हुई ईद की नामज, नही मिले लोग गले

अबुलकैश डब्बल ब्यूरो
* सोशल डिस्टेंसिंग का किया गया पालन
* महामारी से निजात के लिये उठे हाथ

चंदौली। एक महीना रोजा रखने के बाद अल्लाह ताला के तरफ से ईद एक तोहफा के तौर पर हर उस मुसलमान के लिए होता है जो पूरे महीने रोजा रख कर अल्लाह की इबादत करता है। खुशियों का यह त्यौहार कोरोना महामारी के कारण फीका रहा। ईद पर नए कपड़े पहनकर लोग ईदगाह जाकर ईद की नमाज अदा करते हैं और एक दूसरे के गले लगकर मुबारकबाद देते हैं गांव मुहल्लों में मेले जैसा आयोजन होता था बच्चे खुशी खुशी मेले का लुत्फ लेते थे। लेकिन इस ईद पर कोरोना महामारी के चलते लोगों ने जहां घरों में ही ईद की नमाज अदा किया वहीं एक दूसरे से गले मिलने से परहेज किये लोग। ईद की नमाज के बाद लोगों ने इस महामारी से निजात के लिए हाथ उठाये। लॉक डाउन के चलते लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नजर आए।

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