‘कोरोना ‘ ने दी मजदूरों को फोर ‘एम’ की सौगात

मनोहर गुप्ता (संवाददाता)
– मौत, मुद्रा, मुफलिसी व मुसीबत का नया अध्याय बने मजदूर
– कोरोना काल में मजदूरों पर टूटा है कहर
राजनीति के लिए टॉनिक हो गए मजदूर

डीडीयू नगर। अपने कंधों के सहारे देश के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले मजदूर कोरोना काल में सबसे ज्यादा मजबूर हैं। विभिन्न राज्यों से अपने घरों के लिए उनका पलायन जारी है। मजदूर अब विवशता का पर्याय बन गए हैं। जिस रोटी रोजी के लिए गांवों से शहरों को नापा। आज उसी शहर से गांव नाप रहे हैं। भय,भूख व भीड़ उनकी आमदनी हो गई है।उदर पूर्ति के लिए भटक रहे हैं। कोरोना ने मजदूरों को मौत,मुद्रा,मुफलिसी व मुसीबत का नया अध्याय बना दिया है।
विश्व भर में महामारी का रंग लेकर आतंक मचा रहे कोरोना वायरस का कहर दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। जगत के नामचीन देश के नागरिक इसकी गिरफ्त में है।महामारी से मरने वालों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। भारत भी इस महामारी से निजात पाने की कोशिशस कर रहा है।भारत मे कोरोना संक्रमितों की संख्या डेढ़ लाख की ओर बढ़ रही है।इसकी रफतार में उफान जारी है।भारत में इस समय लॉक डाउन फेज फोर चल रहा है।31 मई तक अवधि है।इस दौरान राज्यों में बहुत से सहूलियत दी गई है।लेकिन कोरोना का वार सबसे ज्यादा मजदूरों पर पड़ा है।देश के विकास में अपने कंधों के सहारे योगदान देने वाले आज मजदूर सड़क व स्टेशन का फासला तय करने में लगे हैं। वह काम के समय भी परेशान थे ।कोरोना काल मे भी परेशान हैं। भय,भूख व भीड़ उनकी नियति बन गई हैं।राजनीति के प्यादे बन गए हैं। रोजी रोजगार बन्द होने के बाद उनके लिए घर वापसी ही चारा बचा है। विभिन्न राज्यों में रोजी रोटी के लिए आये मजदूर अब लॉक डाउन के बाद वापसी कर रहे हैं। मुसीबत के दौर में उनका कोई साथी नहीं है।साथ कोई दे रहा है ।मुसीबत,मौत, मुफलिसी व मुद्रा।कोरोना काल में घर वापसी कर रहे मज़दूर राजनीति के लिए टॉनिक बन गए हैं।बस के लिए बेबस हैं।श्रमिक स्पेशल ट्रेन में पानी व भोजन के लिए छटपटाहट है।स्टेशन पर पानी को उठा कर ले जाने।उन्हें भोजन के पैकेट फेंक कर देने का मामला भी सामने आ रहा है। मजदूर इतने लाचार व विवश पहले भी थे आज भी हैं।दो रोटी के लिए वह महानगरों में दौड़ लगाते थे।कोरोना काल में भी पेट के लिए कटपुतली बन रहे हैं।वातानुकूलित जगहों पर मजदूरों के लिए बन रही योजनाएं कहां चली जा रही हैं किसी को नजर नहीं आ रहा है।कोरोना काल में मजदूरों को फोर एम की सौगात मिली है।



अपने शहर के एप को डाउनलोड करने के लिए क्लिक करे |  हमें फेसबुक,  ट्विटर,  और यूट्यूब पर फॉलो करें|
loading...
Back to top button
error: Content is protected !!